Celebrating Gandhi Jayanti 102 th

  • आज का दिन अपने आप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि आज न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कई देशों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 102वीं जयंती मनाई जा रही है।
  • आज के दिन लोग गांधी जी द्वारा दिखाए गए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि आज के दिन खुद गांधी जी क्या किया करते थे?

ऐसे बिताते थे आज का दिन गांधी जी

गांधी जी ने करीब 102 साल पहले 1918 में अपने साथियों से कहा था, ‘मेरे देहांत के बाद मेरी कसौटी होगी कि मैं जन्मदिन मनाने लायक हूं कि नहीं।’ दरअसल, गांधी जी के जीवन पर लिखी गईं किताबों में इस बात की बखूबी चर्चा कि गई है।

गांधीजी आज के दिन को बाकी दिनों की तरह ही लोगों की सेवा और हरि की प्रार्थना में गुजार दिया करते थे, लेकिन लोग आज के दिन को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते थे।

किसी भी परिस्थिति में गांधी जी ने नहीं छोड़ा अहिंसा का मार्ग

  • मालूम हो कि गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था।
  • गांधी जी ने अहिंसा आंदोलन के दम पर देश को आजादी दिलाई थी, उन्होंने किसी भी परिस्थिति में अहिंसा का साथ नहीं छोड़ा।
  • यही कारण है कि आज के दिन न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कई देशों में लोग बापू के दिखाए मार्ग पर चलना पंसद करते है।

गांधी जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं लोग

दो अक्टूबर के दिन देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित अन्य लोग राजघाट नई दिल्ली पर गांधी जी की प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। देश में आद के दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है सभी स्‍कूलों और दफ्तरों में गांधी जयंती का उत्सव हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है।