रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने BRO द्वारा 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए पुलों का उद्घाटन

गुवाहाटी सीमा सड़क संगठन (BRO) एक साल में 44 पुल बना दिए हैं जिसकी वजह से चीन भारत से पीछे हो गया है।

  • देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने BRO द्वारा 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए पुलों का उद्घाटन किया है।
  • ये पुल 286 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए। रक्षामंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए 44 पुलों का लोकार्पण किया।
  • इसके साथ ही नेचिफु टनल की भी आधारशिला रखी। बीआरओ ने एक साल में 54 पुलों का निर्माण करके रेकॉर्ड बनाया है।
  • राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साथ इतनी संख्या में पुलों का उद्घाटन और टनल का शिलान्यास, अपने आप में एक बड़ा रेकॉर्ड है।
  • सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित ये पुल कनेक्टिविटी और विकास के एक नए युग की शुरुआत करेंगे।
  • बीआरओ के बनाए गए पुल भारत के लिए युद्ध से लेकर लोगों के लिए बड़े स्तर पर सुविधाजनक होंगे।
  • रक्षामंत्री ने जिन पुलों को उदघाटन किया उनमें 10 पुल जम्मू-कश्मीर में, 7 पुल लद्दाख में, 2 पुल हिमाचल प्रदेश में, 4 पुल पंजाब में, 8 पुल उत्तराखंड में, 8 पुल अरूणाचल प्रदेश‌ में और 4 पुल सिक्किम में हैं।
  • राजनाथ सिंह ने जिन 44 पुलों का उद्घाटन किया, उनमें से 22 अकेले भारत-चीन बॉर्डर को जोड़ने के लिए तैयार किए गए हैं। इन पुलों के बनने के बाद अब भारत-चीन बॉर्डर पर पहुंचना बेहद आसान हो गया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चीन से तनातनी के बीच सामरिक महत्व की हिमाचल प्रदेश में बनी अटल टनल रोहतांग का उदघाटन पिछले दिनों किया। इस पुल के बन जाने से भारतीय सेना भारी मशीनरी चीन के बॉर्डर तक सेना के लिए आसानी से पहुंचा सकती है।
  • इन ब्रिज में 7 पुल लद्दाख में हैं जिनकी मिलाकर कुल लंबाई 318 मीटर है। अरुणाचल प्रदेश में 8 ब्रिज बनाए गए हैं जिनकी कुल लंबाई 514 मीटर है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 2 ब्रिज हैं जिनकी लंबाई 470 मीटर है।
  • जम्मू कश्मीर में कुल 947 मीटर लंबे 10 ब्रिज, पंजाब में 497 मीटर लंबे 4 ब्रिज तैयार हैं। सिक्किम में 8 नए ब्रिज बनाए हैं जो कुल 390 मीटर लंबे हैं और उत्तराखंड में 390 मीटर लंबे 8 ब्रिज तैयार किए गए हैं।
  • इन सबको मिलाकर 43 ब्रिज की कुल लंबाई 3466 मीटर है। लद्दाख में जो 7 ब्रिज बनाए गए हैं उसमें एक ब्रिज नीमू इलाके में है। यह एलएसी के पास का इलाका है जहां अपने हाल के दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गए थे।