B.Ed Counseling: रिजल्ट जारी नहीं हुआ तो काउंसलिंग में एडमिशन फंस सकते है

  • बीएड काउंसिलिंग शुरू होने में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं और अभी कई बड़ी यूनिवर्सिटी ने अपने यूजी कोर्स के फाइनल इयर के रिजल्ट जारी नहीं किए हैं।
  • ऐसे में इन स्टूडेंट्स के पास काउंसलिंग के समय फाइनल इयर की मार्कशीट नहीं होगी और ये काउंसिलिंग से बाहर हो जाएंगे।
  • बीएड में एडमिशन की काउंसिलिंग में करीब एक लाख ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिनका यूजी लास्ट इयर का रिजल्ट अभी जारी नहीं हुआ है।
  • गौरतलब है कि बीएड में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग 19 अक्टूबर से शुरू हो रही है।

पहले 21 सितंबर से होनी थी काउंसिलिंग

  • बीएड एंट्रेंस एग्जाम लखनऊ यूनिवर्सिटी ने 9 अगस्त को कराया था और 5 सितंबर को इसका रिजल्ट भी जारी कर दिया गया था। बीएड प्रवेश परीक्षा की कोऑर्डिनेटर प्रो।
  • अमिता बाजपेयी ने बीएड की काउंसिलिंग 21 सितंबर से शुरू करने की घोषणा की लेकिन कोरोना के चलते यूजी लास्ट इयर के करीब एक लाख स्टूडेंट्स के एग्जाम नहीं हुए थे, जिससे ये स्टूडेंट्स लास्ट इयर की मार्कशीट से वंचित थे।
  • इसे ध्यान में रखते हुए प्रो। अमिता बाजपेयी ने राज्य सरकार से वार्ता कर काउंसिलिंग डेट 21 सितंबर से बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दी थी।

अभी नहीं आए रिजल्ट

  • काउंसिलिंग की डेट इस आशय से बढ़ाई गई थी कि यूजी लास्ट इयर की मार्कशीट 19 अक्टूबर से पहले आ जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ।
  • जबकि यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी का निर्देश दिया था, कि 30 सितंबर तक यूजी लास्ट इयर के रिजल्ट जारी कर दें। इसके बाद भी अधिकांश यूनिवर्सिटी के रिजल्ट नहीं आए हैं।
  • ऐसे में करीब एक लाख स्टूडेंट्स का बीएड में एडमिशन फंस जाएगा।

लेट हो चुका है सेशन

  • बीएड कोऑर्डिनेटर प्रो। अमिता वाजपेयी ने बताया कि जब यूनिवर्सिटी ही यूजीसी के निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं, तो हम क्या कर सकते हैं।
  • कोरोना के कारण सत्र लेट हो चुका है।
  • काउंसिलिंग की डेट अब नहीं बढ़ाई जा सकती है, हालांकि काउंसिलिंग करीब 40 दिन चलेंगी।
  • उम्मीद है कि काउंसिलिंग खत्म होने के काफी पहले यूनिवर्सिटी के रिजल्ट आ जाएंगे और मार्कशीट मिलने से स्टूडेंट्स काउंसिलिंग में शामिल हो सकेंगे।

सरकारी सीटों से हाथ धोना पड़ेगा

  • बीएड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर रिजल्ट नहीं जारी हुआ तो करीब 30 हजार से अधिक स्टूडेंट्स को पहले चरण की काउंसिलिंग से बाहर होना पड़ेगा और सरकारी सीटें उनके हाथ से निकल जाएंगी।
  • मेरिट होने के बाद भी उन्हें प्राइवेट संस्थान में एडमिशन लेना पड़ेगा।