चाहो जो जीवन सुखदायी, तम्बाकू को त्यागो भाई

almora23416अल्मोड़ा। तम्बाकू उपयोग सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक की नही बल्कि इसके दुष्प्रभाव इससे भी अधिक है यह बात जिलाधिकारी सविन बंसल ने कसार देवी में राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के तहत जनपद स्तरीय अधिकारियों के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि परिश्रम से कमाये गये धन को तम्बाकू में खर्च करने के बजाय शिक्षा एवं परिवार के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध करने के लिए खर्च किये जाने के लिए हमें लोगो को प्रेरित करना होगा। तम्बाकू सेवन से विश्व में प्रतिवर्ष 54 लाख लोगो की मृत्यु होती है विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तम्बाकू सेवन से होने वाली 70 प्रतिशत मृत्यु विकासशील देशो में होगी क्योकि इन देशो में लोग तग्बाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक नहीं है।

तम्बाकू का मतलब केवल सिगरेट से ही नहीं है भारत मंे बीड़ी एवं चबाने वाले तम्बाकू का सेवन सबसे अधिक होता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि तम्बाकू सेवन करने वाले लोगो को वास्तव में क्या-क्या सावधानिया बरतनी होगी। भारत में हर रोज 55 सौ युवक तम्बाकू का सेवन करते जो 100 किशोर आज धूम्रपान करते है उनमें से 50 की मृत्यु सम्बन्धित बीमारियों से होती है। तम्बाकू सेवन से हृदय रोग, पैरीफिरल, वैरिक्यूलर रोग, अल्जासिर रोग, साॅस की बीमारी, अंधापन, ब्रानकाइटिस, जन्मजात रोग होता है साथ ही इसका सेवन नपुंसकता का भी एक कारण है। धूम्रपान महिलाओं के लिए भी हानिकारक होता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में तम्बाकू नियन्त्रण अधिनयम 2003 को प्रभावी करने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाये जा रहे है।

इसी के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आर0सी0 पंत ने तम्बाकू के सेवन से होने वाली अनेक बीमारियों के बारे में बताया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डा0 योगेश पुरोहित एवं डा0 सविता हयांकी ने पावर पाइंट के माध्यम से विस्तारपूर्वक प्रशिक्षार्थियों को बताया और तम्बाकू के सेवन से होने वाले रोगो के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि तम्बाकू नियन्त्रण अधिनियम 2003 के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है जैसे सरकारी भवन, सार्वजनिक परिवहन, होटल, रेस्टोरेन्ट, पार्क, अस्पताल, विद्यालय आदि। इन स्थानो पर धूम्रपान करने पर 200 रू0 जुर्माने का प्राविधान है। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाकू बेचना या उनके द्वारा तम्बाकू उत्पादो के बेचे जाने पर किसी शैक्षिक संस्थान के 100 वर्ग गज दायरे बेचने पर प्रतिबन्ध एवं 200 रू0 जुर्माने का प्राविधान है।

उन्होंने कहा कि ‘‘स्वस्थ्य देह के है अभिशाप तम्बाकू सेवन और शराब‘‘, ‘‘चाहो जो जीवन सुखदायी तम्बाकू को त्यागो भाई‘‘, इन विचारो को आम जनता में जागृति पैदा करने के लिए हमे जन जागरण अभियान भी चलाना होगा। प्रशिक्षण में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द्र ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्साधिकारियों से अनेक प्रश्न तम्बाकू सेवन एवं उसके दुष्प्रभाव के बारे में पूछे इस पर चिकित्साधिकारियों ने कहा कि इसी तरह की जिज्ञासा से यह कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बन सकेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक स्वास्थ्य विभाग डा0 जी0सी0 पाण्डे, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत विनीत कुमार, जिला विकास अधिकारी डा0 मोहम्मद असलम, डा0 के0सी0 भटट, डा0 निशा पाण्डे, उप पुलिस अधीक्षक अजब सिंह रावत सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी व चिकित्सा विभाग से जुड़े अनेक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।