जन-धन हानि के साथ-साथ आपदाओं से होता है पर्यावरणीय नुकसान

apda-almora-file-photoअल्मोड़ा। आपदा से निपटने के लिए इंसीडेन्ट रिस्पाॅंस सिस्टम आई0आर0एस0 के अनुरूप हमें कार्य करना होगा यह बात मेजर जन0 सेवानिवृत्त वी0के0 दत्ता परामर्शदाता राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण नई दिल्ली ने आज वीडियों क्रान्फ्रेसिंग के माध्यम से कही। उन्होंने इस अवसर परभूकम्प माॅक अभ्यास के आयोजन का उदेश्य बताते हुए माॅक अभ्यास में विभिन्न नामित नोडल अधिकारियों सहित विभागों की इंसीडेन्ट रिस्पाॅंस सिस्टम आइ्र्र0आर0एस0 के अनुरूप उनकी भूमिका व कर्तव्यों के बारे में बताया और विभिन्न अधिकारियों के मध्य समन्वय स्थापित कैसे बना रहे इसके विशेष प्रयास करने होंगे ताकि भविष्य में आपदा से निपटने के लिए आई0आर0एस0 के अनुरूप कार्य किया जा सके।

परामर्शदाता ने कहा कि प्रतिवर्ष आपदाओं के कारण जन-घन की व्यापक हानि के साथ-साथ पर्यावरणीय नुकसान भी होता है एवं कार्य बाधित होते है। विकास की प्रक्रिया अवरूद्व होने के कारण जो संशाधन विकास कार्यों के लिए प्रयुक्त होने चाहिए थे वह आपदाओं का सामना करने एवं उनके प्रभावों से उभरने में व्यर्थ हो जाते है। उन्होंने कहा कि निरन्तर व्यर्थ हो रहे इन संशाधनों को कल्याणकारी कार्यों व विकास के लिए उपलब्ध करवाना ही आपदा प्रबन्धन का मुख्य उददेश्य है। जनपद में उपलब्ध संशाधनों एवं सरकारी विभागों, सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, पुलिस, एस0एस0बी0 तथा स्वयंसंवी संगठनों में समन्वय स्थापित करते हुए राहत बचाव कार्य का कुशल प्रबन्धन करने के उददेश्य से जनपद में भूकंप पूर्व तैयारी के अन्तर्गत एक प्रशिक्षण एवं माॅक अभ्यास कार्यक्रम किया जाना प्रस्तावित है।

इस अवसर पर राज्य स्तर में सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुर्नवास प्रभारी सचिव जनपद अल्मोड़ा अमित नेगी ने विश्वास दिलाया कि आपदा से निपटने के लिए आई0आर0एस0 का पूर्ण उपयोग किया जायेगा। इस अवसर पर अपर सचिव आपदा प्रबन्धन रवि शंकर, अधीशासी निदेशक आपदा न्यूनीकरण प्रबन्धन केन्द्र देहरादून डा0 पीयूष रौतेला एवं जनपद स्तर पर जिलाधिकारी सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी, सहायक सेनानायक आई0टी0बी0पी0 अल्मोड़ा पुनीत सचदेवा सहित जिला स्तर के समस्त अधिकारियों, सेना एस0एस0बी0 के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।