हवाई टिकट का रिफंड बिना किसी कैंसलेशन शुक्ल के सभी यात्रियों को वापस किया जाएगा

  • कोरोना वायरस और इसके फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार (Government of India) ने देश भर में लॉकडाउन की घोषणा की थी.
  • 25 मार्च से 3 मई की समयावधि में डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल यात्रा करने के लिए पहले लॉकडाउन अवधि यानी 25 मार्च से 14 अप्रैल में बुक किए टिकटों का पूरा रिफंड 3 सप्ताह में किया जाएगा.

इस मामले में 1 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) का आदेश आने के बाद मंत्रालय ने कहा कि 25 मार्च से 24 मई तक कि समयावधि के दौरान डोमेस्टिक और इंटरनेशनल यात्रा करने के लिए बुक किए गए हवाई टिकट का रिफंड बिना किसी कैंसलेशन शुक्ल के सभी यात्रियों को वापस किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर डीजीसीए ने यात्रियों को तीन कैटेगिरी में बांटा है.

1- यात्री जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान यात्रा के लिए टिकट बुक किया था यानी 25 मार्च 2020 से 24 मई 2020 तक.

2- यात्री जो लॉकडाउन से पहले किसी भी समय टिकट बुक किये हैं लेकिन 24 मई 2020 तक यात्रा करनी थी और COVID-19 के कारण टिकट रद्द कर कर दी गई.

3- ऐसे यात्री जिन्होंने 24 मई 2020 के बाद कभी भी यात्रा के लिए टिकट बुक किया हो.

  • सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की उन सिफारिशों को मान लिया है, जिनमें कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान रद्द किये गए हवाई टिकटों की धनराशि को रिफंड करने का जिक्र था.
  • अदालत ने एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों के नाम पर क्रेडिट शेल सुविधा स्थापित करने की अनुमति दे दी.
  • यदि इस क्रेडिट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों को टिकट का पैसा 31 मार्च 2021 तक अनिवार्य रूप से वापस करना होगा.
  • क्रेडिट योजना किसी को भी हस्तांतरित की जा सकती है.