व्यंग्य : मुम्बईया जाम

ललित शौर्य

आम के मौषम में जाम की बात कुछ अटपटी है ना, पर मुम्बई सिर्फ मुम्बईया आम के लिए ही फेमस नहीँ है, मुम्बईया जाम के लिए भी प्रसिद्ध है। अब जाम वो पटियाला पैग वाला या मादक नशे वाला मत समझ लेना।ये जाम गाड़ियों का जाम वाला है। जिस जाम के चलते गाड़ियों की अंतड़ियों में दर्द हो उठता है, हॉर्न मारते-मारते गाड़ियाँ खाँसने लगती हैं। साथ में गाड़ी सवार मिर्गी के दौरे खाने लगता है। उधर प्याला ए जाम से लोग मदहोश होते हैं, इधर जाम-ए-मुम्बई से लोग बेहोश हो रहे हैं।

ये हाले जाम मुम्बई में आम है। बरसात के मौषम में जाम आम (मेंगो) से भी आम है। ये चारों तरफ आँख फाड़ के देखा जा सकता है। जिस तरह मथुरा के पेड़े, आगरा का पेठा और अलीगढ़ का ताला फेमस हैं उसी तरह विगत कुछ दशकों से मुम्बईया जाम भी फेमस हो चला है। इसकी टीआरपी चुनावी नेताओं और बरसाती नाले की तरह रिकार्ड तोड़ बड़ी है। लोग उस बंदे को कोसते नजर आते हैं जो बरसात में मुम्बई गया और उसने जाम नहीँ देखा। लोगों को ऐसे बन्दे की किस्मत पर तरस आता है। मुम्बई की बीएमसी हर साल बरसात का बाहें खोल कर स्वागत करती है और बाहें डूबने तक सड़कों हाल देखती है। बीएमसी मुम्बई के हाल पर घड़ियाली आँसू बहाती है। सुनने में आ रहा है कि अब तक बीएमसी तीन से चार हजार लीटर आँसू बहा चुकी है।

जिसका असर मुम्बई की सड़कों गली-मुहल्लों में भी साफ देखा जा सकता है। मुम्बई की सड़कों और गलियों का हाल ऐसा है की आपको टाइटैनिक जैसी फिल्म को सूट करने के लिए समन्दर के बीचो-बीच जहाज ले जाने की जरूरत नहीँ है। आप यहीं सड़कों पर ही जहाज दौड़ा सकते हैं। ये जाम का झाम तमाम लोगों को गीला किये हुए है। बीएमसी और सरकार तो गीली हो ही रही है साथ में आम आदमी भी तरबतर है। गीले होने का मौषम है, पर व्यवस्थाएं सूखी होती तो जरूर ये गीलापन हावी न होता।

कुछ लोग आम तोड़ने में व्यस्त हैं , कुछ की  सड़कों पर गस्त है और मुम्बईया त्रस्त है। ये स्वप्न नगरी दौड़ती रहती है रुकती नहीँ है। यहाँ लोग बरसात को बुरे सपने की तरह भूल जाते हैं। सड़कों के गड्ढे जरूर जख्मों को हरा करते हैं। परन्तु जख्मों की दवा बॉलीबुड के पास है। फिर से आ जायेगा कोई मस्त गीत और झूम उठेगी मुम्बई। मुम्बईया राग, मुम्बईया फाग और मुम्बईया स्वेग का भला ये बारिस , भला ये जाम क्या बिगाड़ेगा।यहां तो जाम भी सेलिब्रेट किया जाता है। सेलिब्रेटियों  का शहर जो हुवा।