विकलांग पेंशन नहीं मिलने के सम्बन्ध में शिकायत

almora19417अल्मोड़ा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि तहसील चैखुटिया अन्तर्गत खुजराणी गाॅव में भूख से लड़की की मौत के क्रम में मेरे द्वारा उप जिला मजिस्ट्रेट भिकियासैंण/चैखुटिया से जाॅच करायी गयी। उन्होंने बताया कि उप मजिस्ट्रेट भिकियासैंण/चैखुटिया ने अवगत कराया गया है कि उनके द्वारा दिनाॅंक 17 अपै्रल, 2017 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, चैखुटिया के प्रभारी डा0 विवेक पंत, खाद्य पूर्ति निरीक्षक, चैखुटिया एवं मा0 क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी के साथ खुजराणी में जाकर जाॅच की गयी। जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन को उक्त प्रकरण की विस्तृत रिर्पोट भेजते हुए बताया है कि उपजिलाधिकारी भिकियासैंण/चैखुटिया द्वारा अवगत कराया है कि दिनाॅंक 24 मार्च, 2017 को ग्राम खुजराणी में आयोजित शिविर में मृतका की माता द्वारा शिकायत दर्ज नहीं करने एवं मृतका का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाना के सम्बन्ध में स्पष्ट किया है कि मृतका कु0 सरिता उर्फ सरस्वती उम्र 18 वर्ष पुत्री खुशाल सिंह, ग्राम खुजराणी, तहसील चैखुटिया की माता श्रीमती जानकी देवी द्वारा आतिथि तक उनकी पुत्री की भूखमरी से मृत्यु हो जाने के सम्बन्ध में कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है। 23 मार्च को जिलाधिकारी अल्मोडा द्वारा दूरस्थ ग्राम खुजराणी का भ्रमण किया गया एवं भ्रमण के पश्चात जनसमस्यायें सुनी गयी तथा उनका यथा सम्भव निदान किया गया।

उपजिलाधिकारी ने आख्या में यह भी स्पष्ट किया है कि दिनाॅंक 24 मार्च को स्थान खीड़ा में बहुउददेशीय शिविर लगाया गया। इस शिविर में ग्राम खुजराणी वासियों द्वारा भी शिविर में आकर अपनी शिकायतें दर्ज करायी गयी। उस दौरान श्रीमती जानकी देवी द्वारा इस सम्बन्ध में कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी थी। उनके द्वारा मात्र विधवा पेंशन नहीं मिलने एवं दोनो पुत्रों के विकलांग पेंशन नहीं मिलने के सम्बन्ध में शिकायत की गयी थी। जिसपर समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया था उक्त निर्देशों के क्रम में समाज कल्याण अधिकारी अल्मोड़ा द्वारा अवगत कराया गया कि श्रीमती जानकी देवी की विधवा पेंशन उनके डाकखाने के खाते में जमा हो चुकी है और दोनो बच्चों की विकलांग पेंशन हेतु आवेदन भरा गया जिसमें एक सप्ताह भीतर कार्यवाही पूर्ण कर पेंशन प्रदान कर दी जायेगी। मृतका कु0 सरिता उर्फ सरस्वती की दिनाॅंक 15 अपै्रल को मृत्यु उपरान्त उसके परिजनों द्वारा 16 अपै्रल को दाह संस्कार किया गया जिस कारण पोस्टमार्टम न होने के कारण मृतका की मृत्यु के सम्बन्ध में कुछ कह पाना सम्भव नहीं है।

उप जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि डा0 विवेक पंत प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैखुटिया द्वारा मृतका कु0 सरिता उर्फ सरस्वती के अन्य परिवारजनो भाई दीवान सिंह उर्फ दीपक सिंह उम्र 20 वर्ष, हर सिंह उर्फ हेंमत सिंह उम्र 16 वर्ष एवं एक 10 वर्षीय छोटी बहन कु0 नन्दी जो वर्तमान में 7वीं कक्षा में पढ़ रही है तथा चाचा अर्जुन सिंह पुत्र लाल सिंह उम्र 36 वर्ष का स्वास्थ्य परीक्षण एवं शारिरिक जाॅच की गयी। डा0 विवेक पंत द्वारा अवगत कराया गया कि परीक्षण दौरान परिवार के किसी भी सदस्य में भूखमरी एवं कुपोषण के लक्षण नहीं पाये गये। कु0 सरिता उर्फ सरस्वती असाध्य रोग से ग्रसित थी एवं कई महीनो से बिस्तर पर थी। पोस्टमार्टम नहीं हो पाने के कारण मृतका की मृत्यु के भूखमरी से होने के सम्बन्ध में स्पष्ट कुछ कह पाना सम्भव नहीं है। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि खाद्य पूर्ति निरीक्षक मनोज कुमार आर्य एवं सस्ता गल्ला विके्रता हरी सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि श्रीमती जानकी देवी के परिवार को अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत अनुमन्य खाद्यान्न प्रतिमाह 13 किलो0 गेहू एवं 22 किलो चावल मिलता रहा है एवं मार्च का खाद्यान्न 10 अपै्रल, 2017 को वितरित किया गया है जिसकी पुष्टि श्रीमती जानकी देवी द्वारा भी की गयी। मृतका कु0 सरिता उर्फ सरस्वती देवी के पिता की वर्ष 2012 में मृत्यु हो चुकी है एवं मृतका के परिवार की परवरिश उनके दादा लाल सिह पुत्र बहादुर सिंह द्वारा की जाती थी जो एक सेवानिवृत्त सैनिक थे जिनकी चार माह पूर्व मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में मृतका के परिवार की परवरिश उसकी माता जानकी देवी पत्नी खुशाल सिंह द्वारा मेहनत मजदूरी कर की जाती है। वर्तमान में अन्य कोई कमाऊ सदस्य नहीं है।

मृतका कु0 सरिता उर्फ सरस्वती के अन्य परिवारजन भाई दीवान सिंह उर्फ दीपक सिंह उम्र 20 वर्ष, हर सिंह उर्फ हेंमत सिंह उम्र 16 वर्ष, चाचा अर्जुन सिंह पुत्र लाल सिंह उम्र 36 वर्ष अनुवाशिंक मानसिक रोग/शारिरिक विकृति से ग्रसित है तथा विकंलाग है। पूर्व में उक्त दोनो भाईयों दीवान सिंह उर्फ दीपक सिंह उम्र 20 वर्ष, हर सिंह उर्फ हेंमत सिंह उम्र 16 वर्ष को उपचार हेतु देहरादून भेजा गया था चिकित्सकों द्वारा कहा गया कि दोनो बच्चें असाध्य अनुवाशिंक मानसिक रोग से ग्रसित है। जिसमें बच्चे बड़े होने के बाद मानसिक रूप से कमजोर हो जाते है एवं जिनका निदान नहीं किया जा सकता है।

उपजिलाधिकारी भिकियासैंण/चैखुटिया द्वारा अपनी जाॅच आख्या में यह भी अवगत कराया गया है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि मृतका कु0 सरिता उर्फ सरस्वती की मृत्यु भुखमरी से नहीं हुई है अपितु असाध्य रोग से ग्रसित होने के कारण मृत्यु होना प्रतीत होता है। जिलाधिकारी ने बताया कि यहाॅ पर यह भी उल्लेखनीय है कि डा0 हितेन जनपांगी वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, नोडल अधिकारी डी0ई0आई0सी0 द्वारा अपनी रिर्पोट में बताया है कि मृतका कु0 सरिता के भाई दीवान सिंह एवं श्री हरी सिंह पुत्र स्व0 खुशाल सिंह निवासी ग्राम खुजराणी तहसील चैखुटिया को आर0बी0एस0 के टीम चैखुटिया द्वारा डी0ई0आई0सी0 अल्मोडा को 05 मार्च, 2014 को सन्दर्भित किया गया था। जिलाधिकारी ने बताया कि उपजिला मैजिस्ट्रेट भिकियासैण/चैखुटिया को जाॅच अधिकारी नामित करते हुये 15 दिन के अन्दर उक्त प्रकरण/घटना की विस्तृत जाॅच कर अपनी आख्या उपलब्ध कराये जाने के निदेश दिये है।

सन्दर्भित किये गये दोनो रोगियों का डी0ई0आई0सी0 अल्मोड़ा में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा रोगी हरी सिंह को 07 मार्च, 2014 को डी0आई0सी0 अल्मोड़ा में परीक्षण किया गया पुनः उक्त रोगी 25 मार्च, 2014 को स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डी0ई0आई0सी0 अल्मोड़ा पहुॅचा तथा उसे उसी दिन एच0आई0एच0टी0 देहरादून को सन्दर्भित किया गया। रोगी दीवान सिंह 12 मई, 2014 को स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डी0ई0आई0सी0 अल्मोड़ा आया और उसी दिन परीक्षोपरान्त एच0आई0एच0टी0 देहरादून को सन्दर्भित किया गया। उक्त दोनो रोगियों को न्यूरो मोटर इम्पायरमेंट (तंत्रिका अपजनात्मक रोग) के रोगी के रूप में संदर्भित किया गया। एच0आई0एच0टी0 देहरादून द्वारा उक्त दोनो रोगियों को फैडरेच एैटैक्सिया (गति विराम) नामक अनुवांशिक एवं  असाध्य रोग से पीडित पाया गया।  संदर्भित इकाई एच0आई0एच0टी0 से परामर्श प्राप्त करने के पश्चात वहाॅ के उपचार सम्बन्धी अभिलेख स्वयं अवलोकित किये गये जिसके आधार पर उपरोक्त रोगियों में उक्त रोग की पुष्टि मेरे द्वारा की गयी। उपचार से सम्बन्धित मूल अभिलेख रोगियों के परिजनों के पास उपलब्ध है।

आई0बी0एस0के0 टीम चैखुटिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार यद्यपि मृतका सरिता को टीम द्वारा बार-बार डी0ई0आई0सी0 भेजे जाने के प्रयास किये गये किन्तु उनके परिजनो द्वारा मृतका सरिता को उच्च उपचार हेतु नहीं भेजा गया। संभवता उनके परिजन इच्छुक नहीं रहे होंगे। चॅूकि मृतका की मृत्यु से पूर्व लक्षण अपने भाईयों के समान थे तथा भाईयों में जो रोग वह अनुवाशिंक एवं असाध्य है। मृतका सरिता की मृत्यु उक्त रोग से होने की पूर्ण सम्भावना है।  जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि उक्त गाॅव में मेडिकल टीम को पैनी निगाह रखने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही उपजिलाधिकारी को निर्देश दिये गये है कि वे मामले पर अपनी नजर बनाये रखें और समय-समय पर अवगत कराना भी सुनिश्चित करेंगे।