आयुर्वेद में छिपे एलोवेरा के अनोखे गुण

आयुर्वेद में छिपे एलोवेरा के अनोखे प्रयोग जो आपको बनाएंगे कई बीमारियों से मुक्त और स्वस्थ। एलोवीरा का पौधा कांटेदार होता है। जिसके किनारे पतले होते हैं। एलोवीरा से निकलने वाला गूदा ही असल औषधी होती है। एलोवेरा में मिनरल्स, एंजाइम, विटामिन्स, पॉलिसैचेराइड्स और फैटी एसिड्स जैसे लगभग 200 तत्व पाए जाते हैं, जिनका प्रयोग बहुत सारे रोगों में घरेलू इलाज के तौर पर किया जाता है।

इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। डेली आप ऐलोवेरा जूस पीने से त्वचा साफ और एक्ने रहित होती है। एलोवेरा को मास्क की तरह से भी चेहरे पर लगा सकती हैं। एलोवेरा में विटामिन ए, सी, ई, फॉलिक एसिड, कोलीन, बी1, बी2, बी3 और बी6 पाया जाता है।

एलोवेरा पीलिया रोगी के लिए रामबाण का काम करता है। 15 ग्राम एलोवेरा का रस सुबह शाम पीयें। आपको इस रोग में लाभ करेगा। एलोवेरा की पत्तियों में पाए जाने वाले जैल में 99 प्रतिशत पानी होता है। जिसका इस्तेमाल लगभग 5000 साल में दवाओं के रूप में इसका उपयोग किया जा रहा है।

इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। डेली आप ऐलोवेरा जूस पीने से त्वचा साफ और एक्ने रहित होती है। एलोवेरा को मास्क की तरह से भी चेहरे पर लगा सकती हैं। एलोवेरा मोटापा कम करने मदद करता है। 10 ग्राम एलोवेरा के रस में मेथी के ताजे पत्तो को पीसकर उसे मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें ।