दंगे बता रहे हैं 2019 का चुनाव नज़दीक हैं…!

समीर अब्बास

भारत में लोकसभा चुनाव का आगाज बेहद ही जोश और जुनून के साथ बिहार और बंगाल में शुरू हो चुका है। अगर आप पिछले लोकसभा चुनाव के अतीत में जाएंगे तो स्थिति और ज्यादा साफ हो जाएगी। हर बार की तरह इस बार भी लोकसभा चुनाव का आगाज हिन्दू-मुस्लिम के बीच दंगा कराकर किया गया है।

मैं हैरान हूं कि अब तक इस दंगे में कोई मरा क्यों नहीं है? अगर कोई मर जाता तो इससे बेहतर 2019 के लोकसभा चुनाव का आगाज और कोई दूसरा नहीं हो सकता था। खैर इंतजार कीजिए, अगर कोई हिन्दू मरता है तो बीजेपी को मजा आ जाएगा और अगर कोई मुस्लिम मरता है तो फिर कांग्रेस और बीजेपी के विरोधी दलों को फायदा पहुंचेगा।

हो सकता है कि मरने वाले या मरने वालों के परिजनों को भी कुछ पैसा मिल जाए। थोड़ा इंतजार कीजिए और बिहार और बंगाल के दंगों को हवा देते रहें। परेशान होने की जरूरत नहीं है, अभी 2019 काफी दूर है। अभी आप उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में भी कई दंगे देखेंगे। बीच-बीच में भारत माता की जय, राम मंदिर आदि मामलों को लेकर भी कई दंगे होने है।

याद रखिए इसके लिए कोई सियासी पार्टी बाद में जिम्मेदार नहीं होती बल्कि सबसे बड़े गुनाहगार हम और आप होते हैं। खत्म कर दीजिए ऐसे लोगों की बातें मानना, जो इस मुल्क की दोनों आंखों को जुदा कर देना चाहते हैं। याद रखिए अगर भारत की अवाम चाहे तो भारत में कभी भी दंगा ना हो। लेकिन हमारे खून में हिन्दू-मुस्लिम को अलग-अलग निगाह से देखने का बीज पड़े हुए है।

हो सके तो आने वाली नस्लों के बारे में सोचें। आखिर आप दंगो के रूप में आने वाली नस्लों को कौन सी सौगात देकर जा रहे हैं? याद रखिए भारत का मुस्लिम, हिन्दू समाज के बिना अधुरा है तो हिन्दू समाज मुस्लिम समाज के बिना। आप दोनों मजहबों के बीच एक ऐसा निकाह हो चुका है, जिसमे तीन तलाक तो छोड़ें, किसी भी तरह का तलाक नहीं हो सकता।