सुरक्षा के नाम पर अब महंगा होगा उड़ान भरना

नई दिल्ली। हवाई यात्रा के किराये भले ही लगातार कम हो रहे हों, लेकिन अब सिक्योरिटी चार्ज के चलते इसका खर्च बढ़ सकता है । एयरपोर्ट्स पर हर यात्री पैसेंजर सिक्योरिटी फीस के तौर पर 130 रुपये अदा करता है। यह चार्ज हवाई अड्डों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था के खर्च के बदले में वसूला जाता है। अब इस चार्ज में बड़ा इजाफा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि एयरपोर्ट ऑपरेटर्स ने सरकार से कहा है कि सिक्योरिटी के नाम पर जो फीस वसूली जाती है, वह लागत से काफी कम है और अब इस चार्ज में इजाफा किया जाना चाहिए। यह चार्ज 50 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है।

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने कहा, इस चार्ज से मिलने वाली रकम को सीआईएसएफ कर्मियों को मिलने वाली सैलरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कई जगहों पर राज्य पुलिस की सैलरी भी इसी चार्ज से दी जाती है। हमें सुरक्षा पर सालाना तकरीबन 900 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन इस पर हमें हर साल 100 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। सभी एयरपोर्ट ऑपरेटर्स ने अपनी मांग उड्डयन मंत्रालय के समक्ष रख दी है और इस पर बातचीत जारी है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपने रेवेन्यू से सीआईएसएफ कर्मियों को सैलरी देता है। ज्यादातर एयरपोर्ट ऐसा नहीं करते, इनमें दिल्ली का इंदिरा गांधी एयरपोर्ट भी शामिल है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद के पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप एयरपोर्ट्स ने यह बताने से इनकार कर दिया कि उनका सुरक्षा पर कितना खर्च आता है। यही नहीं इन एयरपोर्ट्स ने यह भी नहीं बताया कि वह सालाना कितना चार्ज पैसेंजर सिक्योरिटी फीस के तौर पर लेते हैं और यह कितना कम रह जाता है।