शिक्षक संवाद कार्यक्रम की शुरूआत

रूद्रपुर। जनपद के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने में आने वाली बाधाओं व कठिनाईयों का समाधन करने हेतु जिला प्रशासन व अध्यापकों के मध्य सीधे बातचीत हेतु अभिनव पहल ’’शिक्षक संवाद कार्यक्रम’’ की शुरूआत की गयी। जिसके क्रम में आज मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में डाॅ.एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में शिक्षक संवाद बैठक का आयोजन किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने ’’शिक्षक संवाद’’ कार्यक्रम में आये अध्यापकों से उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया कराने में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के विषय में विस्तार से जानकारी ली तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शिक्षकों के महत्वपूर्ण सुझाव लिए। कार्यक्रम में शिक्षों ने सभी विद्यालयों में शिक्षक/छात्र अनुपात समान करने हेतु आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले स्कूलों से शिक्षकों का स्थानान्तरण आवश्यकता वाले विद्यालयों में करने का सुझाव दिया। कुछ अध्यापकों द्वारा विद्यालय में फर्नीचर उपलब्ध कराने की बात कही। शिक्षक संघ ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि पहाड़ी जनपदों में वर्ष 2012 में नियुक्त शिक्षकों के भी प्रमोशन हो रहे हैं, जबकि जनपद में 60 प्रतिशत सुगम/40 प्रतिशत दुर्गम क्षेत्र का मानक न होने के कारण वर्ष 2000 से अभी तक प्रमोशन नही हो पाये हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि 5 स्टार व एसी सुविधा से सुधार नही होता, चकाचैंध में अन्धा होने की आवश्यकता नहीं है तथा संसाधनों का रोना रोने के स्थान पर शिक्षकों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर ढंग से उपयोग करते हुए बच्चों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने बताया कि जनपद में शिक्षक तथा छात्र अनुपात (टीचर स्टूडेण्ट रेस्यू) वर्तमान समय में लगभग 22 है जोकि निर्धारित मानक 30 से बहुत कम है।

उन्होंने कहा कि कुछ नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत स्वार्थ साधने हेतु भी शिक्षा विभाग को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को समाज में अपनी अच्छी छवि बनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेत्येक दशा में उच्च शिुक्षा मुहैया करानी होगी। उन्होंने बताया कि जनपद में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु सीएसआर फण्ड का भरपूर उपयोग किया जा रहा है तथा विभिन्न कम्पनियाॅ द्वारा अब तक कई विद्यालयों को गोद लिया गया है। उन्होंने बताया कि विधायक निधि का 10 प्रतिशत फण्ड स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने हेतु निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरा जनपद सुगम श्रेणी में होने के कारण सुगम/दुर्गम का कोटीकरण लागू नही होता। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रमोशन हेतु शासन से पत्राचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार हेतु प्रयास निरन्तर चलते रहेंगे।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी रवि मेहता, उप शिक्षा अधिकारी डाॅ.गुंजन, शिक्षक डाॅ.दीपक फत्र्याल, उमाशंकर उपाध्याय, माया प्रकाश मिश्रा, जीपी राॅय, गुलाब सिंह सिरोही, गायत्री पाण्डेय सहित खण्ड शिक्षा अधिकारी, उपखण्ड शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षक व जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थि थे।