टाटा सफारी स्टॉर्म आर्मी एडीशन की डिलीवरी शुरू

नई दिल्ली। इंडियन आर्मी ने कुछ समय पहले ही निर्णय लिया कि अब उनके दस्ते में मारुति की जिप्सी की जगह टाटा की सफारी स्टॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद भारतीय सेना ने टाटा को 3000 गाडिय़ां तैयार करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद से ही टाटा लगातार अपनी गाडिय़ों को टेस्ट कर रहा था और यह सुनिश्चित कर रहा था कि वे सेना अपेक्षाओं पर खरा उतरें। इसी कड़ी में अब टाटा ने अपनी टेस्टिंग पूरी करने के साथ ही सफारी स्टॉर्म में कुछ बदलाव कर इनकी डिलीवरी शुरू कर दी है। हाल ही में एक टैंकर में डिलीवरी के जाती हुई कई आर्मी ग्रीन कलर की सफारी स्टॉर्म को स्पॉट किया गया। इंडियन आर्मी की योजना अपने दस्ते में इस्तेमाल होने वाली मारुति की जिप्सी, महिन्द्रा रूरू550 ष्ठङ्गक्च और हिन्दुस्तान एंबेसडर की जगह धीरे-धीरे टाटा की सफारी स्टॉर्म को शामिल करने की है। सेना सफारी का इस्तेमाल स्टाफ कार, पेट्रोलिंग व्हीकल और यूद्ध के मैदान में भी इस गाड़ी का इस्तेमाल करेगी।

क्या किए गए हैं बदलाव

टाटा सफारी स्टॉर्म की बात की जाए, तो यह पहले ही एक मजबूत और सक्षम एमयूवी है। लेकिन सेना की मुश्किल परिस्थितियों को देखते हुए इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। सेना के लिए तैयार की गई सफारी में बोनट पर एंटीना लगाया गया है। जिससे सफर कर रहे जवान बिना किसी परेशानी से अपनी यूनिट में संपर्क बने रहें। साथ ही गाड़ी में पीछे एक पिंटल हुक दिया जाएगा, जिसकी मदद से किसी अन्य वाहन या कैरेज को खींचने में मदद मिलेगी। गाड़ी में अतिरिक्त हेडलैम्प भी दिए जाएंगे ताकि रात में और मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय जवानों को ड्राइव करने में आसानी होगी।

इन गाडिय़ों में साइड में जैरीकैन को लटकाने की जगह बनाई गई है ताकि दूर-दराज के इलाकों में ईंधन स्टोर करके ले जाने में कोई परेशानी न हो। साथ ही आपको यह भी बता दें कि सफारी स्टॉर्म का आर्मी ग्रीन कलर वर्जन केवल इंडियन आर्मी को ही मुहैया कराया जाएगा। यह वर्जन सिविलियन्स के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इस वर्जन को रेगूलर सफारी से अलग रखने के लिए कंपनी ने इनमें व्हील्स को भी ऑलीव ग्रीन रखा है

इंटीरियर होगा ऐसा

इंडियन आर्मी के लिए तैयार की इस एसयूवी के इंटीरियर में कोई खास बदलाव नहीं किए गए हैं। गाड़ी का इंटीरियर रेगूलर सफारी की तरह बीज कलर का ही रखा गया है। गाड़ी में पावर स्टीयरिंग, एयरकंडीशनर और एयरबैग स्टैंडर्ड दिए जाते हैं, जो इस खास वर्जन मे भी दिए गए हैं। आपको बता दें भारतीय सेना में अभी इस्तेमाल किए जाने वाहनों में एयरबैग मौजूद नहीं हैं।