स्वच्छ भारत की दिशा में पहल

युवा ने प्रधानमंत्री को रेल पथ स्वच्छता पर पत्र लिखकर निराकरण की करी माँग

डोईवाला: युवा वर्ग देश का भविष्य होने के साथ-साथ हमारे देश के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भारत में युवाओं की संख्या अन्य देशों से अधिक है। भारत की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या की आयु 35 वर्ष से कम है। ऐसे ही एक युवा जिनके मन में अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने की ललक इस प्रकार जागी कि प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित होकर स्वच्छ भारत के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख कर समस्या के निराकरण के लिए उचित कार्रवाई की माँग की।

देहरादून की न्याय पंचायत रानीपोखरी के एक छोटे से गाँव पुन्नीवाला, बड़ोगल में रहने वाले अंकित तिवारी ने भारतीय रेल के शौचालयों से होने वाली गंदगी देखी तो उनका मन यह देखकर बहुत व्यथित हुआ कि सरकार का एक बड़ा मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन में पलीता लगा रहा हैं। जहाँ सरकार खुले में शौच मुक्त के लिए कई राज्यों को पुरुस्कृत कर रही हैं। अनेक स्वंयसेवी संस्थाओं द्वारा स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं, परन्तु सभी कुछ व्यर्थ।

यह देखकर उनका मन झकझोर उठा, अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने की ललक और समस्या के समाधान के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर समस्या के निराकरण की माँग की। गौरतलब हैं कि भारतीय रेल का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है और यह अनेक शहरों से होते हुए पूरे देश में दौड़ती हैं। लेकिन रेल के शौचालयों से निकलने वाले मल-मूत्र की कोई व्यवस्था न होने से गंदगी पूरे देश में फैल जाती है जिससे कई रोग फैलने का खतरा रहता है। इसलिए इस गंदगी को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय किए जाने चाहिए।

एबीवीपी के पूर्व जिला संयोजक और डोईवाला महाविद्यालय के पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि अंकित तिवारी ने कहा कि ट्रेनों में बायोडाइजेस्टर शौचालय लगाने के जटिल कार्य की सफलता रेलवे को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनके मुताबिक अगर हर रोज 160 लाख लोग लंबी दूरी की रेलगाड़ी में सफर करते हैं और एक दिन में मनुष्य 200 से 400 ग्राम मल पैदा करता है तो 20 से 40 लाख मल हर रोज पटरियों पर गिराया जाता है। जो कोई भी रेलगाड़ी में शौच जाता है वह हाथ से मैला साफ करवाने की कुरीति को बढ़ावा तो देता ही है। उनके द्वारा लिखे पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत अवर सचिव (पब्लिक) श्री अम्बुज शर्मा ने प्राप्त किया।