शौचालय का अभाव न हो

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में प्रभारी सचिव शहरी विकास, श्रीमती राधिका झा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य की समस्त 92 निकायों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों की मांग का सर्वेक्षण दिनांक 31 अगस्त, 2017 से पूर्व पूर्ण कर व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों की मांग की सूची शहरी विकास निदेशालय देहरादून को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। ज्ञातव्य हो कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा 6 जुलाई, 2017 को आहूत वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गए थे कि उत्तराखण्ड के सभी निकायों को दिनांक 31 दिसम्बर, 2017 से पूर्व ‘‘खुले में शौच से मुक्त‘‘ किया जाना है।

प्रभारी सचिव श्रीमती राधिका झा ने कहा कि जिन लोगों के पास व्यक्तिगत घरेलू शौचालय को बनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें 500 मी. के दायरे में सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाए। साथ ही, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, व्यापारिक बाजार आदि में 01 किमी के दायरे में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। स्कूल, हाॅस्पिटल, तहसील, ब्लाॅक आदि जहां पर अधिक संख्या में लोगों का आवागमन रहता हो तथा शौचालय का अभाव हो, को भी इसमें सम्मिलित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण निकायों में यदि सार्वजनिक शौचालय की मांग अतिरिक्त रूप से हो तो भूमि उपलब्धता के आधार पर सार्वजनिक शौचालयों की मांग दिनांक 31 अगस्त, 2017 तक शहरी विकास निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये।

प्रभारी सचिव श्रीमती झा ने कहा कि स्चच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत सभी निकायों में ठोस-अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए प्रत्येक निकाय के पास लैंड फिल (टेªंचिंग ग्राउण्ड) होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः 10 हजार की आबादी के लिए 1.25 एकड़ तथा 20 हजार की आबादी के लिए 2.50 एकड़ की भूमि की आवश्यकता होती है। उन्होंने निर्देश दिये कि भूमि उपलब्धता सम्बन्धित प्रस्ताव शहरी विकास निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 31 दिसम्बर, 2017 सभी निकायों में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन तथा यूजर चार्ज का आरोपण भी सुनिश्चित किया जाए।

प्रभारी सचिव शहरी विकास श्रीमती झा ने यह भी बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास निदेशालय स्तर पर एक पी0एम0यू0 का गठन किया गया है। योजना के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु पी0एम0यू0 में तैनात विशेषज्ञों श्री रवि शंकर बिष्ट, श्री सचिन चैहान एवं श्री कमल भट्ट से सम्पर्क किया जा सकता है।