बेहतर कल के लिए बचाएं जल, जल जीवन अभियान की अनूठी पहल

हरिद्वार। जल जीवन अभियान की अनूठी पहल पर गंगा तट से संतो, मेयर व सामाजिक संस्थाओं के प्रमुखों ने लोगों को जल बचाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर उत्तराखंड विधनसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। जिसमें उन्होने हर व्यक्ति से पानी के दुरूपयोग को रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि हर रोज हर व्यक्ति कम से कम पांच लीटर पानी बचाए तो जल संरक्षण के प्रति समाज में बदलाव आयेगा। आयोजक संस्था लाईफ पफाउंडेशन ने अतिथियों को जल प्रहरी सम्मान से भी नवाजा।

कनखल गंगा तट स्थित लोकेश धाम पर आयोजित जल जीवन अभियान का शुभारंभ करते हुए अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि पृथ्वी हो या शरीर दोनो ही जल से बने हैं। तभी जल को जीवन कहा गया है। हमारी संस्कृति में जल देव का अपार महत्व है। हमारे लिए जल में ही गंगा है। इसका उतना ही प्रयोग करना चाहिए जितना जरूरी है। जल है तो संस्कृति है, परम्परा है, मंत्र है। कहा कि जल बचाने की यह अनूठी पहल गंगा तट से हुई है। आज जिन लोगों ने जल जीवन अभियान का संकल्प लिया वे उसे आत्मसात करें और अपने कार्य व्यवहार में उतारें, तभी हम जल और गंगा को बचा पायेंगे।

मेयर मनोज गर्ग ने कहा कि जल के दुरूपयोग से वर्तमान में जल संकट लगातार गहरा रहा है। आज पानी की कीमत नहीं पहचानेंगे तो यह तय है कि भविष्य में पैसा लेकर भी पानी नहीं मिलेगा। इससे निपटने के लिए शुरू किये गये जल जीवन अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि ये अभियान घर घर जाना चाहिए।

शिवडेल के स्वामी शरदपुरी जी महाराज व शिक्षाविद् सुश्री वीणा शास्त्री ने जल जीवन अभियान पर कहा कि बेहतर कल के लिए हमें जल को बचाना ही होगा। नहीं तो हमारे पास सब कुछ होगा लेकिन जल का अभाव होगा। कहा कि रोजाना हमें पांच लीटर जल तो अपने दैनिक प्रयोग में से बचाना ही होगा। कहा कि हम जल को पैदा नहीं कर सकते लेकिन उसे जन जागरण से बचाया जा सकता है। कहा कि इस अभियान को देश के कोने कोने तक ले जाने की आवश्यकता है। वे इसके लिए अपना सक्रिय सहयोग देंगे।

अभियान के संरक्षक व जूना अखाड़े के स्वामी दयानंद महाराज ने कहा कि पूरी दौलत लेकर भी आप एक दिन पानी नहीं खरीद पाओगे। पृथ्वी पर दूषित जल बढ़ रहा है और हम अब भी चेते नहीं हैं। यह स्थिति बदलनी होगी। जल जीवन अभियान को लोगों को बताना होगा कि वे कैसे जल बचाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित हो सके।

जल जीवन अभियान के प्रमुख प्रदीप गर्ग ने कहा कि सभी को मालूम है कि पृथ्वी पर जल संकट लगातार बढ़ रहा है। लेकिन सभी सोचते हैं कि हमारे जल बहाने से ही क्या होगा। हमें यही सोच बदलनी है। हमें अपने दैनिक उपयोग के पानी में ही अधिक से अधिक पानी को बचाना होगा। ऐसा हुआ तो एक व्यक्ति साल भर में हजारों लीटर पानी बचा सकता है। कहा कि पानी की लीकेज से रोजाना प्रदेश भर में ही लाखों गैलन पानी व्यर्थ बह जाता है। इसके लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उनका जल जीवन अभियान लोगों में चेतना जगाने का काम करेगा।

जल कार्यकर्ता सौरभ वत्स ने उत्तराखंड विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का संदेश पढ़ा। हेमा भण्डारी टीम ने एक लघु नाटिका के जरिये लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया।