कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक

रूद्रप्रयाग। जिले में प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के संचालन हेतु डीएलआईसी का गठन कर लिया गया है। योजना (पीएमकेएसवाई) के क्रियान्वयन के लिये जिलाधिकारी डा राघव लंगर ने विभागों के मध्य सामंजस्य बनाते हेतु जनपद स्तरीय सिंचाई प्लान (डीआईपी) बनाने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन में आयोजित बैठक में योजना की कार्यदायी संस्थाओं कृषि, उद्यान, राजकीय सिंचाई, लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मध्य सामंजस्य तथा डीआईपी बनाने हेतु चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि डीआईपी बनाने का कार्य समयवद्ध कार्य है। अतः सभी विभाग समयबद्ध रूप से कार्य करें ताकि निर्धारित समायान्तर्गत डीआईपी शासन को पे्रषित की जा सके। पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई तथा लघु सिंचाई विभाग लगभग एक ही प्रकृति के कार्य करने के कारण योजना की डीआईपी निर्माण के दौरान दौहराव की स्थिति से बचने तथा शीघ्रता से योजना निर्माण के लिये बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन सिंचाई गूलों एवं नहरों की लम्बाई एक किमी से कम होगी उनकी कार्यदायी संस्था लघु सिंचाई तथा एक किमी से लम्बी नहरों के लिये कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग होगा।

टपक संचाई तथा स्प्रिंकलर सिंचाई के प्रस्ताव उद्यान विभाग द्वारा दिये जायेंगे। सिंचाई नहरों के निर्माण के समय स्रोत से खेतों तक गूल निर्माण में यदि बंजर भूमि, जंगल का क्षेत्र आता है तो प्राथमिकता के आधार पर गूल पाइप (एचडीपीई, एमएस आदि) में निर्मित की जायेंगी ताकि कालान्तर में रख-रखाव की समस्या ना रहे।

उन्होंने निर्देश दिये कि डीआईपी बनाते समय सिंचाई संबंधी आंकडे अधिशासी अभियन्ता सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किया जायेगा। उन्होंने सभी विभागों को द्रुत गति से कार्य करते हुए आगामी 10 जनवरी तक अपने विभाग से संबंधित कार्य योजना मुख्य कृषि अधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने योजना के प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए जनप्रतिनिधियों, कृषकों आदि से विचार विमर्श कर प्रस्तावों को डीआईपी में शामिल करने को कहा।

इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी/सदस्य सचिव पीएमकेएसवाई विजय देवराडी ने अवग कराया कि पीडी आत्मा के कार्यालय में पीएमकेएसवाई हेतु एक प्रकोष्ठ का गठन किया गया है तथा डाटा इन्ट्री आपरेटों द्वारा डीआईपी से संबंधित सभी प्रपत्रों को कम्प्यूटर पर तैयार कर लिया गया है तथा विभिन्न स्रोतों से आंकडों को एकत्र किया जा रहा है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।