मेले व महोत्सव हमारे संस्कृति व संवर्द्धन के प्रतीक है : मुख्यमंत्री

10 पिथौरागढ़। मुनस्यारी महोत्सव के तृतीय दिवस के अवसर पर मुुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मेले व महोत्सव हमारे संस्कृति व संवृदन के प्रतीक है इन मेलों के आयोजन से आपसी मेल जोल व सौहार्द बढ़ता है। उन्होंने मुनस्यारी को और अधिक भव्यता से मनाये जाने हेतु आवश्यकीय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को अगले वर्ष और अधिक बेहतर ढंग से मनाये जाने हेतु धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी इसके साथ ही महोत्सव में सरकारी विभागों के और अधिक संख्या में स्टाल भी लगाये जायेंगे। महोत्सव में आयी जनता को संबोधित करते हुए मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यहां के उत्पादों तथा औषधियों को अपनी अजिविका के रूप में निश्चित करना होगा।

उन्होंने कहा कि फाफर, मड़वा, चैलाई, तिमार को धीरे धारे हम अपनी अजिविका का आधार बनायें। उन्होंने क्षेत्र में रहने वाले पूर्व मुख्य सचिव डा0 आर0एस0टोलिया द्वारा रामबांस, भीमल के रेशे बनाने की कल्पना की थी इस ओर हम आगे बढ़ रहे है उन्होंने आम जनता से अपील की अपनी दश्तकारी व परम्परागत कार्यों को आगे बढ़ाये। उन्होंने कहा कि तहसील मुनस्यारी में इस हेतु टैक्सटाइल पार्क खोला जा रहा है ताकि यहां के बुनकरों आदि को इसका लाभ मिल सकें व हमारे हाथों के हुनर को इस टैक्सटाइल पार्क से बाजार मिलेगा जिसे उत्तराखण्ड के जसपुर पार्क से जोड़ा जायेगा तथा उसे देश के अन्य क्षेत्रों से भी जोड़ा जायेगा।

12उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किये जाने हेतु सरकार द्वारा महिलाओं को प्रोसिसिंग का प्रशिक्षण दिये जाने हेतु मास्टर फ्राक्ट ट्रेनर की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 तक कम से कम 2 हजार महिला एवं पुरूष मास्टर ट्रेनर बनायें जायेंगे। उन्होंने कहा कि नौजवानों को स्वरोजगार के तौर पर जोड़े जाने हेतु वर्तमान तक 1200 नौजवानों को छोटे उद्यमी के तौर जोड़ा जायेगा हम इस बदलाव को आगे ले जा सकते है। उन्होेंने कहा कि अगले वर्ष तक यहां के उत्पाद गददु कददु, माल्टा, नीबू, गलगल को अच्छा बाजार व मूल्य दिये जाने हेतु सरकार इस क्षेत्र में कार्य कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस हेतु सरकार बाजार भी उपलब्ध करायेगी उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि परम्परागत शिल्प जो दम तोड़ रहा है उसे पुर्नजीवित करने हेतु वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के अंतर्गत परम्परागत रूप से घरों को पुर्नजीवित करने हेतु प्रोत्सहित किया जा रहा है ताकि आने वाले पर्यटकों को अतिथि के रूप में इन घरों में रूकया जा सकें।

उन्हांेने मुनस्यारी में खोले गये प0 नैन सिंह पर्वतारोहण संस्थान जिसमें वर्तमान में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये प्रशिक्षणर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है उक्त संस्थान में क्षेत्र के युवा जो सेना में भर्ती होना चाहते है उन्हें भी भर्ती हेतु प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की जायेगी ताकि नौजवान जिस क्षेत्र में जाना चाहे वे उस क्षेत्र में जा सकते है। उन्होंने अपने संबोधन मे कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का राज्य पक्षी जो मोनाल है उसके संरक्षण हेतु पार्क विकसित किया जायेगा।

11उन्होंने मुनस्यारी के प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां और अधिक संख्या में पर्यटक आये इस हेतु यहां पर्यटन क्षेत्रों का विकास किया जायेगा। इस कड़ी में मुनस्यारी क्षेत्र हेतु 10 करोड़ व धारचूला क्षेत्र हेतु 15 करोड़ रूपये की लागत से टै्रकिंग रूट विकसित किये जा रहे है जो 2016 तक विकसित कर लिये जायेंगे यह क्षेत्र ट्रैंक से पैराडायिस बनेगा। इस क्षेत्र में नौजवान आगे आकर अपने पेशे के रूप में कार्य करें सरकार उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था करेंगी। उन्होंने उपस्थित जनता से अपील की वह अपने घर में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा में विशेष ध्यान दे सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सर्वाधिक धनराशि व्यय कर रही है सरकार द्वारा सभी विद्यालयों में अध्यापकांे की तैनाती कर दी गयी है तथा दिसम्बर में सभी डिग्री काॅलेजो में शिक्षकों की तैनाती हो जायेगीे।

महोत्सव में उन्होंने मुनस्यारी, जौलजीबी, पिथौरागढ़, रोडवेज बस प्रारम्भ करने की घोषणा की अपने भ्रमण के दौरान मा0 मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को स्थानीय लो0नि0वि0 निरीक्षण भवन में जनता की समस्यायें सुनने के साथ ही विभिन्न विभागीय अधिकारियों से क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी भी ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा प0 नैन सिंह सर्वेयर पर्वतारोहण संस्थान मुनस्यारी में विगत 15 दिन से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणर्थियों को प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र भी वितरित किये।

उन्होंने कहा कि उक्त प्रशिक्षण संस्थान में शीघ्र ही स्थायी प्रशिक्षक व कर्मचारियांे की तैनाती के साथ ही आवश्यक उपकरण आदि उपलब्ध करायें जायेंगे। उन्होंने संस्थान की संचालिका रीना कौशल धर्मशक्तू से उस संस्थान कमे क्षेत्र के युवाओं को सेना भर्ती प्रशिक्षण दिये जाने की भी व्यवस्था करने को कहा ताकि यहां के युवाओं को संस्थान का और अधिक लाभ मिल सकें।

अधिकारियों की बैठक में सिंचाई विभाग द्वारा क्षेत्र के घटाबगड़, लुम्ती, छुरीबगड़, मदकोट व अन्य स्थानों में बन रहे निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा के कार्य हेतु अतिरिक्त धनराशि की शासन से मांग किये जाने के संबंध में अवगत कराये जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके से ही प्रमुख सचिव सिंचाई को निर्देश दिये कि क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के जो भी प्रस्ताव लंबित है उनके लिए धनराशि स्वीकृत करते हुए अवमुक्त की जाय। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि औद्यानिक गतिविधियों को बढ़ावा दिये जाने हेतु उद्योग विभाग को नितिगत रूप से कार्य कर स्थानीय लोगों को इससे जोड़े जाने हेतु निर्देश भी दिये।

इस अवसर पर अध्यक्ष वन विकास निगम हरीश धामी, उत्तराखण्ड अनुसूचित जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष कैलाश रावत, अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत खुशाल सिंह अधिकारी, ब्लाक प्रमुख मुनस्यारी नरेन्द्र सिंह रावत, मल्ला जौहार समिति के अध्यक्ष राम सिंह धर्मशक्तू, पुलिस अधीक्षक आर0 एल0 शर्मा, विधायक प्रतिनिधि हीरा चिराल, विशेषकार्याधिकारी मुख्यमंत्री जगत सिंह महर, जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी मुकेश पंत, ब्लाक अध्यक्ष कांग्रेस मनोहर टोलिया समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सांस्कृतिक प्रेमी, क्षेत्रीय जनता, विभिन्नि विभागों के अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित थे।