धारचूला में संचार सेवा शून्य

आन सिंह धामी

Anil-Dhami111धारचूला। मुख्यमंत्री हरीश रावत का विधायी क्षेत्र संचार सुविधाओं से महरूम है। इन्टरनेट क्षेत्र के इस युग में आज भी लोग चिट्ठी-पत्री की अधिक सुविधायुक्त मानते है। एक और प्रदेश के मुख्यमंत्री वाइ-फाई की बात करते हैं। दूसरी ओर धारचूला मंें संचार सेवा पूरी तरह ठप्प है। वह पूरे प्रदेश के निवास का दावा करते हैं। लेकिन धारचूला की ग्रामीण युवा पीढ़ी संचार क्रांति के युग में आदिम जीवन जीने को मजबूर है। यदि यह कहा जाये कि धारचूला में संचार सेवा शून्य है तो गलत न होगा।

dharchula-newsसंचार की इस क्रांन्ति के दौर में आज भी महकम है डीडीहाट तथा धारचूला के कई क्षेत्र, कई क्षेत्र टाॅवर लगने के बाद भी सही तरह से सिगनल प्राप्त नहीं हो रहे। जहां आज देश में 4-जी वाइ-फाई सेवा शुरू हो चुकी है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में 24 सेवा तक नहीं मिल पा रही है। यहां तक की अपने नीजी कार्यों के लिए बात करने के लिए भी तरसना पड़ता है। इनटरनेट सेवा नहीं होने से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज के संचार के दौर में इंटरनेट सेवा के अभाव में जीवन अधूरा है। कई आॅफिसियल कार्य सूचनाओं तथा संदेश भेजने के लिए इंटरनेट नेटवर्क की जरूरत पड़ती है।

इसके अभाव में इन अंगों में कार्य सुचारू रूप से कर पाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं इन क्षेत्रों में कई काॅलेज, इंटर काॅलेज, बैंक तथा अन्य आफिस है। जिसमें कार्य करने के लिए असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। धारचूला तहसील के कई क्षेत्रों के साथ डीडीहाट तहसील के तल्लाबगड़ क्षेत्र में अब तक किसी भी कंपनी द्वारा टॅावर नहीं लगाया गया है। तो इंटरनेट सेवा। कुछ सिगनल अन्य क्षेत्रों से लगे टाॅवरों से प्राप्त होते है। जिनसे ठीक तरह से बात तक प्राप्त नही होती कहा तो नेटवर्क सेवा। यदि इस क्षेत्र का विकास करना हो सबसे पहले संचार सेवा सुधारनी होगी।