ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को बढ़ाने की ओर ध्यान देंः डीएम

d1पिथौरागढ़। जनपद मे कृषि विभाग द्वारा संचालित आतमा योजनान्तर्गत किये जाने वाले कार्यों की योजनावार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद मे कृषि क्षेत्र में विभिन्न फसलों की उत्पादकता बढ़ाये जाने हेतु काश्तकारों को समय पर बीज उपलब्ध कराये जाने उन्हें नियमित तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराये जाने के साथ ही कृषकों को विकासखण्ड, जनपद राज्य एवं अंतराजीय स्तर पर प्रशिक्षण प्रदर्शन व एक्सपोजर विजिट कराये जाने के निर्देश जिलाधिकारी सुशील कुमार द्वारा दिये गये।

जिला कार्यालय सभागार मे आज आतमा योजना, आई0डब्लयू0एम0पी0 तथा केंद्रपोषित कार्यक्रमों की योजना जो कृषि विभाग द्वारा संचालित कि जा रही है की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा की राज्य सरकार द्वारा मड़वा, फाफर, रामदाना, झंगोरा के उत्पादन पर प्रति कुन्तल काश्तकारों को बोनस के रूप में 200 रू0 की अतिरिक्त धनराशि दी जा रही है इस हेतु उन्होने कृषि विभाग को निर्देश दिये कि वह अभी से जनपदस्तर में चिन्हीकरण कर ले जनपदस्तर पर ऐसे काश्तकारों का चिन्हीकरण करे जिनके द्वारा इन फसलों का उत्पादन किया जा रहा हो ताकि आने वाले समय मे इन काश्तकारों को इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिल सकें उन्होंने कहा कि चिन्हीकरण का कार्य ग्राम पंचायत व विकासखण्ड स्तर पर समितिओं का गठन कर तुरन्त करा लिया जाये उन्होने जनपद मे दलहन की उत्पादकता का क्षेत्रफल बढ़ाये जाने हेतु कलस्टर तैयार कर कार्य करने के भी निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने कहा की ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को बढ़ाये जाने हेतु संबंधित विभाग कृषि, पशुपालन, उद्यान, भेषज, मत्स्य, रेशम तथा चाय बोर्ड सामूहिक रूप से योजनायें तैयार कर प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद के प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम दो गा्रमसभाओं का चयन कर योजनाओं का क्रियान्वयन करें उन्होनें संबंधित विभागों को जनपदस्तर पर काम चलाओं प्रशिक्षण व गोष्ठी जैसंे कार्यक्रम में फिजूल खर्ची न करते हुए वास्तव मे प्रगतिशील इच्छुक काश्तकार को लाभदायक प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु कार्य किया जायें तथा इन काश्तकारों को जनपद व राज्य से बाहर ऐसे क्षेत्रों मे भेजा जाये जहाॅ इनको लाभ मिल सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी विभागों को फोटो खिचने वाला कार्य न कर वास्तविक कार्य करना होगा तभी कृषि उत्पादन क्षेत्र में जनपद आगे बढ़ेगा उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु जनपद मे अच्छे काश्तकारो, पशुपालकों, मौनपालकों, मत्स्यपालकों, दुग्ध उत्पादकों का ही चयन किया जायें। उन्होंने जनपदस्तर पर प्रशिक्षण हेतु कृषि विज्ञान केंद्र को एक कैंलेडर तैयार करने के भी निर्देश दिये।

बैठक में उपस्थित विभिन्न क्षेत्रों से आये प्रगतिशील काश्तकारों द्वारा कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा अनुदान के तहत दिये जाने वाले कृषि उपकरणों को बाहरी जनपदों से उपलब्ध न कराते हुए जनपदस्तर पर ही उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया ताकि काश्तकारोें को जनपद से बाहर जाने में हो रहे अतिरिक्त व्यय की धनराशि बच सकें। उक्त संबंध में जिलाधिकारी ने कृषि एवं उद्यान विभाग को निर्देश दिये की अनुदान के तहत जो भी कृषि उपकरण जनपद में काश्तकारों को मुहैया कराये जाते है इस हेतु संबंधित कंपनी के माध्यम से जनपदस्तर पर ही इन उपकरणोें को उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारीने विभागों को यह भी निर्देश दिये की रबी व खरीफ के अंतर्गत जो भी बीज काश्तकारों को उपलब्ध कराये जाते है वह अच्छी प्रजाति के व स्थानीय भौगोलिक उत्पादकता के अनुरूप हो तथा समय पर बीजों का वितरण न्याय पंचायतस्तर पर उपलब्ध कराया जायें इस हेतु उन्होंने इन विभागों के न्याय पंचायतस्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को जिम्मेदारी देने के भी निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर जो काश्तकार कृषि औद्योनिक क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहा हो वहां संबंधित विकासखण्ड क्षेत्र के अन्य काश्तकारों का भी भ्रमण अवश्य कराया जायें। उन्होंने कृषि एवं उद्यान विभाग को जनपद मे काश्तकारों का मोबाइल न0 लेकर एक पोर्टल के माध्यम से कृषि औद्योनिक संबंधित जानकारी एस0एम0एस0 से दिये जाने की व्यवस्था को ओर अधिक विकसित प्रणाली से किये जाने के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने बैठक मे जनपद के 4 ग्राम सभाओं बलुवाकोट, तोमिक, जोग्यूड़ा, माजिरकांडा जो बीएडीपी योजनान्तर्गत लिये गये है इन गांवों मे शीतकाल मे बृहद पौधारोपण किये जाने हेतु भी कृषि एवं उद्यान विभाग को निर्देश दिये। बैठक मे आई0डब्लयू0एम0पी0 योजनान्तर्गत किये जा रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारी बेरीनाग को चेतावनी देते हुए निर्देश दिये कि 15 नवम्बर तक कार्यों में शतप्रतिशत प्रगति लायें।

बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी डा0 अभय सक्सेना, पीडी डीआरडीए नरेश कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी जी0एस0धामी, जिला उद्यान अधिकारी मीनाक्षी जोशी, कृषि रक्षा अधिकारी, अरविंद कुमार गौतम, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, भूमि संरक्षण अधिकारी, बेरीनाग दयाकृष्ण आर्या, समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।