कालीमिर्च में समाएं औषधिय गुण

भारतीय रसोई में जब चटपटा खाने की बात हो, या सलाद को जायकेदार बनाने की बात आए, तो काली मिर्च सबसे ऊपर रहती है। इसकी विशेष सुगन्ध रसोई को भी महकाती है और डाइनिंग टेबल को भी। इसका उपयोग घरेलू इलाज में भी किया जा सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं काली मिर्च के कुछ ऐसे ही रामबाण प्रयोग।

काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट हैं, जो तरह काम करती है। यह मैंगनीज और आयरन जैसे पोषक तत्वों का बढिया स्त्रोत है, जो शरीर के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक है। यह देसी मसाला बहुत बडी औषधि का भी काम करता है। इसके प्रयोग से सांस की बीमारी, बुखार, खांसी, पेट के रोग और यदि पेट में कांच आदि का टुकडा चला जाए तो उसको निकालने में भी काफी मदद करते हैं।

यदि पेट में कांटा, कांच का टुकडा आदि खाने के साथ या किसी भी भांति चला जाए तो पके हुए अन्नानास के साथ काली मिर्च और सेंधा नमक लगाकर खाने से पेट में गया हुआ कांच या कांटा निकल जाता है। यदि उल्टी आ रही हो या जीव मिचला रहा हो, तो नींबू के साथ काली

मिर्च और सेंधा नमक लगाकर चूसने से जी मिचलाना बंद हो जाता है और उल्टी भी नहीं आती। कब्ज होने पर काली मिर्च के चार-पांच साबुत दाने दूध के साथ रात को लेने से कब्ज में लाभ मिलता है। मलेरिया होने पर काली मिर्च के चूर्ण को तुलसी के रस में मिलाकर पीने से लाभ होता है।