मानसिक स्वास्थ्य दिवस : पौड़ी में जागरूकता शिविर का आयोजन

sachiv1पौड़ी। आज यहां राजकीय चिकित्सालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर योगेन्द्र कुमार सागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में एक विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 एवं विकलांगता अधिनियम 1995 से सम्बन्धित महत्वपूर्ण कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देेते हुए बताया कि आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पूरे विश्व में मनाया जा रहा है और पूरे विश्व में 45 करोड़ लोग विकलांग हैं जिनमें से 1.5 करोड़ विकलांग लोग भारतवर्ष में हैं। शिविर में विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मानसिक रुप से अस्वस्थ लोगों के लिये देहरादून में मानसिक अस्पताल के माध्यम से चिकित्सीय इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति शराब पी दे देता है तो वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है तथा मानसिक संतुलन खोने के बाद ऐसा अपराध कर बैठता है जो उसे स्वयं ज्ञात नहीं होता कि मैं क्या अपराध कर रहा हूं।

उन्होंने लोगों से कहा कि इस प्रकार के मानसिक रोगी यदि उनके इर्द गिर्द कोई हों तो उनके सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है और ऐसे मानसिक रोगी का इलाज भी कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति आदी हो जाती है जिससे मानसिक एवं शारीरिक संतुलन के साथ ही कई बीमारियों से घिर जाता है साथ ही सोचने समझने की शक्ति भी खत्म होने लगती है और सहन शक्ति भी खत्म हो जाती है। ऐसा व्यक्ति धीरे-धीरे डिप्रेशन में चला जाता है। इससे उसकी दैनिक दिनचर्या असंतुलित हो जाती है और वह अपने घर परिवार व समाज से अलग होने के साथ ही धीरे धीरे पतन की ओर चला जाता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर यह आह्वान किया कि समाज में मानसिक रुप से विकृत व्यक्तियों के इलाज के लिये प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए क्योंकि स्वस्थ नागरिकों से ही स्वस्थ्य राष्ट्र का निर्माण संभव है। इसलिये प्रत्येक व्यक्ति का स्वस्थ होना राष्ट्र विकास के लिये आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संविधान के बारे में बताते हुए कहा कि संविधान की अनुच्छेद 39 ए में हर व्यक्ति के लिये समान न्याय की संकल्पना की गई है चाहे गरीब हो चाहे अमीर हो, न्याय सबके लिये समान है।

उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से निशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक साक्षरता से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी के साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा, राज्य विधिक सेवा, जिला विधिक सेवा एवं तहसील विधिक सेवा समितियों के गठन एवं कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी तथा बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित सरल कानूनी ज्ञान माला पुस्तकें भी वितरित कीं। शिविर में राजेन्द्र सिंह जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व, प्रदीप भट्ट अधिवक्ता एवं महेश बलूनी अधिवक्ता ने भी उपस्थित सभी लोगों को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर कार्यक्रम में मनीष रंजन अधिवक्ता, विनोद चमोली अधिवक्ता, पीएलबी दिनेश बिष्ट, राजेश शाह व श्रीमती हेमलता बिष्ट समेत अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

इसके अलावा आज जिला जजी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसमें जनपदभर के 270 मामलों में से 80 मामलों का निस्तारण करते हुए 1 लाख 51 हजार 420 रुपये अर्थदण्ड के रुप में वसूल किये गये।