पर्यटन से स्वरोजगार उपलब्ध

chamoli21mayचमोली। साहसिक पर्यटन को बढवा देेने के लिए द्रोणागिरी टैªक का जोशीमठ से शुभ्भारंभ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय विद्यायक महेन्द्र भट्ट ने हरी झंडी दिखाकर ट्रैकर्स को द्रोणागिरी टैªकिंग के लिए रवाना किया। टैªकिंग दल में दिल्ली, मुम्बई, जयपुर, नेहरू पर्वतारोहण, ओएनजीसी, आईटीबीपी के 80 टैªकर्स शामिल है। इस अवसर पर केदारनाथ के विधायक मनोज रावत, पूर्व विधायक केदार सिंह फोनिया, ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत, नगर पालिका अध्यक्ष रोहिणी रावत, जीएमवीएन के एमडी अतुल गुप्ता व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हरक सिंह रावत, सीडीओ विनोद गोस्वामी आदि मौजूद थे। मुख्य अतिथि द्वारा द्रोणागिरी टैªक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभांरम्भ करते हुए कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन की आपार सम्भावनाऐं है। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढाने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जायेंगे। कहा कि स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोडकर स्वरोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि द्रोणागिरी टैªक पर पर्यटक सुविधाऐं विकसित कर हर वर्ष टैªकिंग करायी जायेगी। उन्होंने गढवाल मण्डल विकास निगम को साहसिक गतिविधियों में पहल करने की बात कही। उन्होंने द्रोणागिरी टैªकिंग अभियान के सफल संचालन की कामना करते हुए सभी टैªकर्स को अपनी शुभकामनाऐं दी।

केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि हमें प्र्रदेश की बोली, भाषा, संस्कृति के साथ-साथ धार्मिक एवं साहसिक पर्यटक स्थलों को संजोकर रखने की आवश्यकता है। पुराने ट्रैक मार्गो को सुधार कर टैªकिंग के लिए खोलने की बात कही। उन्होंने टैªकर्स का हौसला बढाते हुए सुरक्षित टैªकिंग के लिए अपनी शुभकामनाऐं दी। पूर्व विधायक केदार सिंह फोनिया ने कहा कि पर्यटन विश्व का बहुत बढा व्यवसाय है। उन्होंने नोडल अधिकारी हरक सिंह रावत की प्रंशसा करते हुए माणा से कैलाश मानसरोवर टैªक को विकसित करने के लिए सरकार से पहल करने की बात कही।

द्रोणागिरी टैªक को राज्य सरकार द्वारा टैªक आॅफ द ईयर 2017 घोषित किया गया है। नीति घाटी में जोशीमठ से लगभग 40 किमी. दूरी पर जुम्मा नामक स्थान से शुरू होने वाले द्रोणागिरी ट्रैक का पहला पढाव रूईन तथा दूसरा द्रोणागिरी गांव पडता है जो समुद्र तल से 3622 मीटर की ऊॅचाई पर स्थित है। जुम्मा से द्रोणागिरी गावं तक 9 किमी. पैदल टैªक है। द्रोणागिरी गांव से लगभग 8 किलोमीटर ऊॅचाई पर द्रोणागिरी पर्वत है जहाॅ तक टैªकिंग की जानी है। यह क्षेत्र जडी-बूटी बहूल्य क्षेत्र है। द्रोणागिरी पर्वत वही पर्वत है जहाॅ से त्रेता युग में वैध सुशैन के कहने पर भगवान हनुमान जी संजीवनी बूटी ले गये थे। द्रोणागिरी में द्रोणागिरी पर्वत देवता, द्रोणागिरी पर्वत व नन्दी कुण्ड आदि धार्मिक पर्यटन स्थल है तथा बागनी ग्लेशियर, द्रोणागिरी पर्वत, नन्दी कुण्ड क्षेत्र साहसिक पर्यटन स्थल है। साथ इस क्षेत्र में याकों का आकर्षण, भरल झुण्ड, तिब्बती खरक, जड़ी बूटियों का आपार भण्डार है जो पर्यटकों अपनी ओर खीचती है।