ठेका मजदूरों के लिये शुक्ला का सत्याग्रह : पवन

Extra-image (8)पन्तनगर। पन्तनगर में ठेकेदारी प्रथा लागू होने के बाद से हजारों श्रमिक एवं कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा में कार्य कर रहे हैं तथा उनको न्यूनतम मजदूरी मिल रही है साथ ही उनको किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधायें नहीं मिल रही हैं। भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी पवन दूबे ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला ने पन्तनगर के ठेका मजदूरों को उनकी हक की लड़ाई में पूरा साथ देने का जो वादा शुरू से ही किया हुआ है और निरंतर प्रयासरत भी हैं। शुरूआत से उनकी हक की लड़ाई में विधायक शुक्ला उनके साथ खड़े भी रहे हैं जो किसी से छुपा नहीं है। पवन ने बताया कि कांग्रेस सरकार द्वारा पिछले काफी समय से ठेका मजदूरों को सैद्धान्तिक सहमती के नाम पर केवल गुमराह किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि यदि कोई भी शासनादेश प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है तो वह कहाँ है?

केवल झूठ और फरेब कर प्रदेश सरकार द्वारा ठेका कर्मीयों का निरंतर उत्पीड़न किया जा रहा है जिसके विरोध में क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला द्वारा कल दिनांक 10 जुलाई को पन्तनगर स्थित बड़ी मार्केट में ठेका कर्मीयों को न्याय दिलाने हेतु सत्याग्रह किया जायेगा। विधायक शुक्ला के सत्याग्रह को क्षेत्र के सांसद एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी अपना समर्थन देने आएंगे। प्रदेश सरकार की ठेका कर्मी विरोधी मंशा का सबसे बड़ा उदाहरण है कि ठेका कर्मीयों पर लगे विभिन्न धाराओं में मुकदमें जो इस तानाशाही प्रदेश सरकार ने ही लगाये थे, और यदि ये सत्ताधारी चाहते तो मुकदमें हटाना उनके लिये कोई बड़ी बात नहीं है किन्तु मुकदमें हटाने का केवल आश्वासन ही लम्बे समय से दिया जा रहा है।

pawan-dubeyपवन ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का तानाशाही रवैया बिलकुल भी जन हितैषी नहीं है केवल अपने सत्ता की ताकत का दुरूपयोग कर हक के लिये आवाज बुलन्द करने वालों को दण्डित कर रही है प्रदेश सरकार, बताया कि अभी हाल ही में उपनल कर्मीयांें को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया, लाठीचार्ज करवाया गया क्योंकि उन्होंने अपन हक के लिये अपनी आवाज बुलन्द की। तराई बीज एवं विकास निगम जिसके बीज की पूरे देश में मांग रहती है उसको चालीस करोड़ के घाटे में लाकर छोड़ दिया वहां कर्मीयों को चार माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। अधिकरी देहरादून में जाकर मौज ले रहे हैं और जब पता चला कर्मीयों ने आवाज बुलंद की है अपने हक की तो उनको नौकरी से ही निकाल दिया गया। इससे बड़ा प्रमाण और क्या होगा प्रदेश सरकार की विरोधी मंशा का जो साफ झलक रही है फिर भी हमारे भोले-भाले ठेका कर्मी इनके बहकावे में आ जा रहे थे। पवन ने सभी से अपील की है कि जिस तरह विधायक शुक्ला ने पूर्व में उपनल लागू करवा दिया था उसी प्रकार विधायक शुक्ला ही मांगों को पूरा करवायेंगे। विधायक राजेश शुक्ला पन्तनगर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और यहां कि उपेक्षा उनको कतई बर्दाश्त नहीं है।