जिलाधिकारी ने दिए अधिकारियों निर्देश

रूद्रप्रयाग। दिनांक 01 जनवरी से 15 फरवरी तक प्राप्त प्रत्यावेदनों, शिकायती पत्रों पर की गई कार्यवाही, निस्तारण के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को पूर्ण तैयारियों व विवरण के साथ बैठक में प्रतिभाग के निर्देश दिए। कहा कि जनपद में आयोजित होने वाले समस्त जनता दरबार की शिकायातों के निस्तारण में विभागों द्वारा की गई कार्यवाही का अनुपालन शासन स्तर पर प्रेषित किया जाना है। इस संबंध में सभी अधिकारी प्राप्त शिकायतों का समयान्तर्गत निस्तारण करने के साथ ही की गई कार्यवाही का अनुपालन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराए जिससे ससमय शासन को अवगत कराया जा सके।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि दैवीय आपदा व भूकम्प से क्षतिग्रस्त आवासीय भवन निर्माण के मुआवजे की रिपोर्ट में प्रायः यह देखा जा रहा है कि तहसीलदार द्वारा बिना वेरिफाई किए ही रिपोर्ट अग्रसारित की जाती है जबकि पटवारी के पास सीधे आवासीय सहायता के लिए आने वाले प्रकरण में मुआवजे की धनराशि दे दी जाती है जबकि जिला स्तर के प्रकरणों पर आपत्ति लगा दी जाती है।इस संबंध में जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलदार को फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट वेरिफाई करके अग्रसारित करने के निर्देश दिए।

स्वजल विभाग द्वारा अनुसूचित तोक में 13 लाख की लागत से निर्मित पेयजल योजना के बावजूद गांव को पानी की आपूर्ति न होने पर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी ,जलनिगम, जल संस्थान के सहायक अभियंता को व्यय धनराशि की संयुक्त जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए। जीर्ण-शीर्ण राजकीय प्राथमिक विद्यालय जवाडी, पपडासू, अन्द्रवाडी व चिलौण्ड के निर्माण के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक द्वारा अवगत कराया गया कि जिला योजना 2018-19 के अन्तर्गत निर्माण कार्य किया जाएगा। उपभोक्ताओं को राशनकार्ड की अनुपलब्धता की शिकायत पर जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि समस्त विकास खण्ड में कार्ड उपलब्ध करा दिए गए है शीघ्र ही सभी को प्राप्त हो जाएगें।

तीन वर्ष पूर्व अगस्त्यमुनि में गैर सरकारी संस्था आरआईसीएचए द्वारा 2013 की आपदा के पश्चात 31 परिवारों के भवनो के निर्माण के एवज में प्रत्येक परिवार से 4200 रूपये की धनराशि वसूली गयी तथा कहा कि निर्माण के पश्चात धनराशि वापिस कर दी जाएगी किन्तु कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया। इस संबंध में जिलाधिकारी ने पुलिस उपाधीक्षक को संबंधित सस्था के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएफओ मंयक शेखर, एसडीएम सदर देवानंद, जखोली देवमूर्ति यादव, जिला विकास अधिकारी ए.एस. गुज्याल, पीई एमएस नेगी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित अधिकारी व शिकायतकर्ता उपस्थित थे।