अक्टूबर में 51.7 रहा पीएमआई

नई दिल्ली। निक्केई इंडिया का सर्विस पर्चेंजिंग मैनेजर्स इंडेक्स अक्टूबर महीने में बढ़कर 51.7 रहा है। यह तेजी नए व्यवसायों के अधिक से अधिक निवेश के कारण देखने को मिली है। आपको बता दें कि सितंबर महीने के दौरान सर्विस पीएमआई 50.7 पर रहा था। आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्री और रिपोर्ट की लेखिका आशना डोढिया ने बताया, सेवा प्रदाताओं ने आने वाले 12 महीनों में व्यावसायिक गतिविधि के बारे में एक आशावादी दृष्टिकोण बरकरार रखा है, जबकि लेबर मार्केट को फिर से मजबूती दी गई है क्योंकि कंपनियों ने महीने भर के भीतर वेतन में इजाफा किया है।

कीमतों के मोर्चे पर सेवा क्षेत्र ने आगे कीमतों में दबाव की संभावना जताई है क्योंकि अप्रैल 2016 के बाद से ही मुद्रास्फीति की दर संयुक्त रूप से तेज हो गई है। आपको बता दें कि पर्चेंजिंग मैनेजर्स इंडेक्स में 50 से ऊपर का स्तर विस्तार और 50 से नीचे का स्तर संकुचन को दर्शाता है। भारत में विनिर्माण गतिविधियां अक्टूबर में कमजोर रही हैं क्योंकि मांग कम रहने के कारण नए आदेश भी स्थिर रहे। इसकी मुख्य वजह जीएसटी के नकारात्मक प्रभाव को माना जा रहा है।

एक मासिक सर्वे में यह बात सामने आई है। निक्केई इंडिया का मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स (पीएमआई) अक्टूबर में गिरकर 50.3 के स्तर पर पहुंच गया। सितंबर महीने में यह 51.2 पर रहा था। यह विनिर्माण क्षेत्र में व्यापक स्थिरता का संकेत देता है। आपको बता दें कि यह तीसरा लगातार महीना है जब इंडेक्स 50 के स्तर के ऊपर रहा है जो कि विस्तार को दर्शाता है। विनिर्माण गतिविधियों में गिरावट मुख्य रूप से नए कारोबार में स्थिरता के कारण रही जो कि जीएसटी के नकारात्मक प्रभाव के चलते दिखी। इस मांग को स्थिर करने का काम किया। इसके अलावा नए ऑर्डर्स में सितंबर 2013 के बाद से सबसे तेज गिरावट देखने को मिली है।