मुस्लिम तुष्टिकरण त्याग, विपक्ष ने अपनाई दलित तुष्टिकरण नीति

RBL Nigamआर.बी.एल.निगम, ब्यूरो चीफ

विपक्ष ने मोदी जी के विरुद्ध ऐसे “दलित चक्रव्यूह” कि रचना रची हैं कि अगर मोदी बिना तैयारी के चक्रव्यूह भेदने कि इच्छा रखते हैं तो अभिमन्यु कि तरह ही इस चक्रव्यूह में इनका अंत हो जाएगा | और यदि इनकी तैयारी अर्जुन सरीखा हैं तो यह आने वाला युद्ध पहले कि अपेक्षा अत्यधिक रोचक होने वाला हैं, रोचक इसलिए क्योकि कही विपक्ष अपने ही बनाए इस “दलित चक्रव्यूह” में घिर कर स्वयं का अंत न करले !!

muslim-tustikaran-8muslim-tustikaran-2अब बात कर ली जाए थोड़ी  इस दलित चक्रव्यूह की तो पहली बात , विपक्ष को यह पूर्णतया आभास हो चुका हैं कि अब “मुस्लिम तुष्टिकरण” करके मोदी से नहीं टकराया जा सकता हैं , क्योकि विपक्ष जितना “मुस्लिम तुष्टिकरण” करेगा , मोदी के हाथ “हिन्दू” और मजबूत करते जायेंगे | इसलिए अब विपक्ष कि नजर “मुस्लिम तुष्टिकरण” पर नहीं , बल्कि हिन्दुओं के एक भाग पर हैं और वो हैं “दलित” | विपक्ष ने इस बार “दलित तुष्टिकरण” की नीति अपनाई हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह बीते लोकसभा चुनाव में लगभग 80% आरक्षित सीटों पर बीजेपी का कब्ज़ा |

muslim-tustikaran-10एक तरफ विपक्ष द्वारा जहा “मुस्लिम तुष्टिकरण” करने से मोदी और मजबूत होंगे और दूसरी तरफ “दलित तुष्टिकरण” करने से हिन्दुओं में फूट पड़ेगी और मोदी कमजोर होंगे | लेकिन विपक्ष कि यह दलित तुष्टिकरण किस प्रकार की होगी ? जो भी होगी, लेकिन मुस्लिम तुष्टिकरण से भी अत्यधिक घातक होगी और मोदी को यह घात समझना होगा | और यह घात वास्तव में मोदी पर नहीं , यह पुरे हिन्दू समाज पर होगा | इसलिए मोदी और हिन्दुओं को पहले से कही अधिक सजग और सावधान होना होगा, क्योकि विपक्ष के फेके जाल में फसने कि संभावना प्रबल होगी |

muslim-tustikaran-5धर्म, गाय, गीता, भारत माता का अपमान दिखाकर कर विपक्ष हिन्दू धर्म के इस अभिन्न अंग ( शोषित / वंचित / कमजोर ) को प्रताड़ित करेगा, मारेगा, यातना देगा और यातना देते वक़्त वहा “जय श्री राम” और “हर हर महादेव” के नारे लगेंगे. भारत माता कि जय का उद्घोष होगा ताकि उन शोषित / वंचित / कमजोर वर्ग को पूर्णतया आभास हो जाए कि ये लोग बीजेपी के हैं या बीजेपी से सम्बंधित हैं | फिर वही विपक्ष उन शोषित / वंचित / कमजोर कि आवाज बनके इस मुद्दे को इतना गरमा देगा कि उसको निपटना आसान नहीं होगा क्योकि हिन्दुओं का बटना बीजेपी के लिए घातक हैं | विपक्ष का यह हमला , बीजेपी के हथियार से बीजेपी के ही उनलोगों पर होगा जिन्होंने बीजेपी को करीब 80% आरक्षित सीटों पर जीत दिलाई |

भूतकाल में एक से एक महान सेनापतियों से चुक हुई हैं इसलिए ऐसा कोई जरुरी नहीं कि मोदी जी भी इस बिछाए जाल में न फंसे , आखिर वो भी इंसान हैं | इसलिए सिर्फ मोदी जी को ही नहीं, बल्कि समस्त हिन्दुओ को सजग होना पड़ेगा …क्योकि विपक्ष अब हमारे हथियार से हमपर ही हमला करने का पूरा प्लान बना चुका हैं , और हम थोड़ा भी चुके …. तो चुक जायेंगे |

नोटों में खेलती ये हैं दलितों की मसीह

muslim-tustikaran-6उत्तर प्रदेश में कुछ सौ सफाई वर्कर की वेकैंसी के लिए लाखो लोगो ने आवेदन किया , जिसमे दिलचस्प वाक्या ये था की इसमें न केवल ब्राह्मण सहित कई ऊँची जतियों के लोगो ने आवेदन किया बल्कि इ समे कई तो पीएचडी और बड़े डिग्री होल्डर भी शामिल थे।

सफाई कर्मचारी के लिए सभी वर्गो का आवेदन करना हमें भारत के अब समता मूलक समाज की तरफ अग्रसर होने का खुशनुमा अहसास तो दे गया , परन्तु बेरोजगारी को लेकर सरकारों की एक बड़ी हिपोक्रेसी और दोगले चरित्र को पुरजोर तरीके से आभासित कर गया।

muslim-tustikaran-9कहना ना होगा हमारा आधुनिक ट्रेड यूनियन कानून एक तरफ कुछ चंद रोजगार प्राप्त लोगो की जरूरत से ज्यादा चांदी करता है पर करोडो बेरोजगारों की छाती पर यह ट्रेड यूनियन कानून मुंग दलने का काम करता है। हालात ये है की आमरण सरकारी दामाद बनाये रखने तथा सरकारी ऑफिसो में हरामखोरी का कल्चर बनाने वाली इस श्रम कानून ने हालत ये कर दी है की क्या भारत सरकार हो या तमाम राज्य सरकारें, चाहे उनके यहाँ जितनी भी जरूरी पद खाली पड़े हो , चाहे कितना भी सरकार के काम रुके पड़े हो ,चाहे कितना भी उनका विकास काम बाधित होता हो , उन्होंने यह तय कर लिया है की वेकैंसी को नहीं भरना है। देश की सभी सरकारें अंदरखाने से ये सोचे बैठी है की अब नए सरकारी दामादों की नियुक्ति नहीं करनी है , हमारा काम ऐसे ही चल जायेगा।

muslim-tustikaran-1अरे भाई कॉन्ट्रैक्ट पर नयी रोजगार नीति क्यों नहीं लाते ? कॉन्ट्रैक्ट पर भी सरकारें करमचारियों को समुचित वेतन और कार्य परिस्थितियां मुहैया करा सकती है। अगर ऐसा कर दिया गया तो केवल भारत सरकार में अविलम्ब 7.5 लाख नौकरी उपलब्ध है। देश के सभी राज्य सरकारों में करीब 50 लाख नौकरी तुरत उपलब्ध है। इससे बेरोजगारी पर तुरत तथा ऑफिसो की हरामखोरी पर तु रत रोक लगेगी । बिहार में जैसे अनुबंध पर टीचर बहाली शुरू हुई तुरत २ लाख नौकरी उपलब्ध हो गयी । देश के 2 लाख स्कूलों में 1 टीचर है , यदि प्रति स्कूल 4 टीचर बहाल किये जाये तो 10 लाख टीचरों की तुरत बहाली हो जाएगी। समुचित श्रम और रोजगार नीति नहीं होने से अभी देश में बेरोजगारी लाइलाज बीमारी बनी हुई है। इसकी जड़ में है पक्की नौकरी का कांसेप्ट जिसने देश के शासन और प्रशासन को हर तरह से पथभ्रष्ट बना कर रखा हुआ है।

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