ऋषि कपूर ने किया गाँधी नाम का चीरहरण

आर.बी.एल.निगम

RBL Nigamफिल्म स्टार ऋषि कपूर ने आज कांग्रेस की नामकरण की राजनीति का खुलेआम चीरहरण कर दिया। उन्होंने कहा कि आज देश की सभी महत्वपूर्ण इमारतों, एयरपोर्ट, रिसर्च सेण्टर, फिल्म सिटी, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नाम नेहरु-गाँधी परिवार से क्यों हैं? क्या देश में और महान आदमी नहीं हैं? क्या देश में नेहरु गाँधी के अलावा किसी का भी योगदान नहीं है? कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गयी सभी योजनाओं के नाम केवल नेहरु और गाँधी के नाम पर क्यों हैं? यह सोचने का विषय है।

वास्तव में अब जनता ने धीरे-धीरे कांग्रेस की चादर को खींचना शुरू कर दिया है। इमरजेंसी में फिल्म कलाकारों का क्या हाल हुआ था ?अभिनेत्री विद्या सिन्हा, और किशोर कुमार पर तो कहर ही टूट पड़ा था। फिल्में डिब्बों में बंद हो रही थीं, गानों पर प्रतिबन्ध लग रहे थे।

सभी राष्ट्रीय संपत्तियों से गाँधी परिवार का नाम हटाओ जिसे कांग्रेस सरकार के समय किया गया था, ‘बांद्रा वर्ली सी लिंक’ का नाम लता मंगेशकर के नाम पर या JRD टाटा लिंक रोड रखो, कांग्रेस ने बाप का माल समझ रखा था क्या?ऋषि कपूर ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि जब दिल्ली में रोड का नाम बदला जा सकता है तो सरकारी संपत्तियों से कांग्रेस नेताओं के नाम क्यों नही बदले जा रहे हैं, बहुत आश्चर्यजनक है कि चंडीगढ़ में भी राजीव गाँधी के नाम से संपत्तियां हैं, सोचो क्यों?

rishi-kapoorहमें महत्वपूर्ण संपत्तियां उनके नाम से रखने चाहियें जिन्होंने समाज में योगदान दिया है, यहाँ तो हर चीज गाँधी के नाम पर  है, मै इससे सहमत नही हूँ, सोचना लोगों!

फिल्म सिटी का नाम दिलीप कुमार, देव आनंद, अशोक कुमार या अमिताभ बच्चन के नाम से होनी चाहिए थी लेकिन उसका भी नाम राजीव गाँधी के नाम पर रख दिया गया, राजीव गाँधी उद्योग क्या होता है?

हमें देश के स्थानों के नाम मोहम्मद रफ़ी, मुकेश, मन्नाडे, किशोर कुमार के नाम से रखने चाहिए, केवल एक सलाह है।

इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्यों? महात्मा गाँधी या भगत सिंह, डॉ अंबेडकर या ऋषि कपूर क्यों नही? क्या कहते हो?

राज कपूर ने भारत को कई वर्षों तक गौरवान्वित किया यहाँ तक कि मरने के बाद भी लोग उन्हें प्यार करते हैं, निश्चित तौर पर राजनेताओं से अधिक याद किया जाता है।

ऋषि कपूर के यह ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब शेयर किये जा रहे हैं। ऋषि कपूर ने पहली बार कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है।

इसमें दो राय नहीं कि राजीव ,इन्दिरा और जवाहरलाल के नाम पर इतने भवन, सड़कें, योजनाएं, और पता नहीं कितने उपक्रम हैं ,जिसे देख प्रतीत होता है कि देश में केवल नेहरू-गांधी का ही वचस्व रहा, दूसरा कोई किसी भी गिनती में नहीं। लाल बहादुर शास्त्री,डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ होमी भाभा भगत सिंह, चन्द्र शेखर आज़ाद, प्रो नन्द किशोर निगम, जय शंकर प्रसाद,निराला, प्रेम चन्द, यानि राजनीति, स्वतन्त्रता,विज्ञानं, एवं साहित्य आदि में एक से बढ़कर एक नाम है, परन्तु सबको इस परिवार ने धूमिल कर दिया। ऋषि कपूर ने कहा वास्तव में ठीक ही कहा है, उनके कथन से किसी भी तरह का मतभेद नहीं।