नकरौंदा में हाथीयों का आतंक

देहरादून जनपद के विभिन्न ग्रमीण क्षेत्रों व शहर में हाथीयों, बन्दरों आदि से सुरक्षा के सम्बन्ध में। देहरादून जनपद के विभिन्न ग्रमीण क्षेत्रों व शहर में हाथीयों, बन्दरों आदि से ग्रमीण व देहरादून नगरवासी अत्यधिक पीडि़त है। नकरौंदा ग्राम सहित आसपास की ग्राम सभाओं में जगंली हाथीयों से फसल व जान-माल की हानि को निरंतर भारी हानि हो रही है वहीं बन्दरों के निरंतर आक्रमण से नगरवासी भी लगातार पीडि़त हो रहे है।

हरीश रावत जी के नेतृत्व वाली सरकार ने बन्दर व सुअर बाड़े बनाने के लिए योजनाये बनाई थी व इसके लिए बजट भी स्वीत किया गया था परन्तु वन विभाग की लापरवाही के कारण उपरोक्त योजना क्रियांवित नही हो पाई है। वहीं बन्दरों व सुअर के आतंक से जनता त्राही-त्राही कर रही है और बन्दरों के हिसंक आक्रमण भी लगातार बढ़े है। इसी प्रकार से हाथीयों को आबादी की ओर आने से रोकने के लिए भी योजनाये बनाई गई थी जिस पर विभाग के उदासीन रवईये के कारण कुछ नही हो पाया है उनके हिसंक हमले लगातार फसलों व लोगो के लिए प्राण घातक होते जा रहे है।

बताया जाता है कि कैम्पा में व अन्य मदों में इसके लिए धनराशि की व्यवस्था हो रखी है, फसलों व जान-माल की हानि का मुआवजा देने में भी वन विभाग कौताही कर रहा है, विभाग इस ओर भी आख मूदें बैठा है। आशा है कि हाथी, बन्दर, सुअर आदि से जनता की जान-मान की सुरक्षा को सुनिश्चित करने व बन्दर व सुअर बाड़े बनाने के लिए उचित कार्यवाही करने के निर्देश देने का कष्ट करें।