कई मुखौटा कंपनियां जांच के घेरे में, कार्ति से संबंध का शक

नई दिल्ली। जांच एजेंसियों को शक है कि पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने फॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स को मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत लेने के लिए कुछ और कंपनियों का इस्तेमाल मुखौटे के तौर पर किया था। सूत्रों ने बताया कि अडवांटेज स्ट्रैटिजिक कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) के अलावा 4 कंपनियों की कार्ति के साथ उनके संबंध के लिए जांच की जा रही है। इन्होंने कंपनियों ने कथित तौर पर फॉरन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड की मंजूरी हासिल करने के लिए भ्रष्टाचार किया था। इस मामले में एएससीपीएल की पहले से जांच चल रही है।

इसके अलावा एएससीपीएल की चेन्नै में मौजूद सब्सिडियरी रोचेस्टर टेक्नॉलजी और मुंबई की नॉर्थ स्टार सलूशंस शक के घेरे में हैं। सूत्रों ने बताया कि ऐसी कंपनियों की संख्या बढ़ सकती है। जांच एजेंसियां कुछ डायरेक्टर्स की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। एक अधिकारी ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, एएससीपीएल के एक डायरेक्टर अन्य कंपनियों में भी डायरेक्टर हैं। हम इसके पीछे के कारण की जांच कर रहे हैं।

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह संयोग नहीं बल्कि सोच समझकर बनाई गई योजना लगती है। हमें शक है कि एक डायरेक्टर को जानबूझ कर कुछ समय के लिए कंपनी में रखा गया था और बाद में वह कंपनी छोड़ गए। इस मामले में कड़ी जोडऩे में एक मुश्किल यह है कि ऐसी दो कंपनियों के नाम पर कोई बिल (इनवॉइस) नहीं हैं। इसके बावजूद इनमें एक डायरेक्टर समान हैं जो एएससीपीएल में भी डायरेक्टर थे।

अधिकारी ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि ऐसी कंपनियों में पैसा रखा गया था या नहीं। एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने एएससीपीएल के सभी डायरेक्टर्स से पूछताछ की है। इनमें से 4 डायरेक्टर्स से पिछले सप्ताह पूछताछ की गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ डायरेक्टर्स ने भ्रमित करने वाले जवाब दिए हैं लेकिन बाकी ने कार्ति से अपने संबंधों को स्थापित करने वाली महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
सूत्रों ने आईएनएक्स मीडिया के मामले में और जानकारी मिलने का भी संकेत दिया। नई जानकारी मिलने के बाद आईएनएक्स मीडिया के को-फाउंडर पीटर मुखर्जी से पूछताछ करने का फैसला किया गया है। मुखर्जी को घेरने के लिए ईडी ने कई प्रश्न तैयार किए हैं। पीटर की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी ने आरोप लगाया है कि आईएनएक्स मीडिया ने कार्ति को 3.5 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी। इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर हत्या के लिए पीटर और इंद्राणी के खिलाफ अदालत में मामला चल रहा है।

कार्ति के चार्टर्ड अकाउंटेंट भास्कररामन से जब्त की गई एक हार्ड डिस्क से मिली कंपनियों की डीटेल्स की भी यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि कार्ति की ओर से रिश्वत हासिल करने के लिए इन कंपनियों का इस्तेमाल मुखौटे के तौर पर किया गया था या नहीं। इस मामले में वित्त मंत्रालय के तत्कालीन अधिकारियों की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। ईडी इस संबंध में यूपीए सरकार के दौरान कार्यरत कुछ सेक्रटरी और जॉइंट सेक्रटरी लेवल के अधिकारियों से पूछताछ करेगा। ईडी ने हाल ही में एफआईपीबी के लगभग आधा दर्जन सदस्यों को भी पूछताछ के लिए नोटिस दिया था।