मेक इन इंडिया सपने को साकार करने के लिए कार्यशाला का आयोजन

रूद्रपुर। भारत को दुनियां का मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के उद्ेश्य से व मा0 प्रधानमंत्रीजी के मेक इन इंडिया सपने को साकार करने के लिए जिला उद्योग केन्द्र के सभागार मे उद्यमियो की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला मे क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया के सहायक निदेशक श्रीमती सतेन्द्र पाल कौर ने उद्यमियो को पाॅवर प्रजेन्टेशन के माध्यम से अनेक जानकारियां उपलब्ध कराई।

उन्होने कहा जैड (जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट) ने भारत के सूक्ष्म, लघू एवं मध्यम उद्यमियो के लिए एक नये युग की शुरूआत की है। इसका उद्देश्य भारत को दुनियां का मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाना है। उन्होने कहा जैड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियो के लिए एक अद्वितीय परिपूर्ण रेंटिग सिस्टम है, जो प्रोडक्शन, डिजाइन, क्वालिटी, सुरक्षा, स्वच्छता एवं पर्यावरण जैसे मानको पर इन उद्योगो का मूल्यांकन करके उन्हे रेंटिग प्रदान करेगा।

कार्यशाला मे क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया के सहायक निदेशक मनीष वशिष्ठ ने बताया जैड सर्टिफिकेशन की लागत का 80 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक उपादान एमएसएमई श्रेणी के उद्योगो को भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के अन्तर्गत आॅनलाइन पंजीकरण एवं स्वमूल्यांकन निःशुल्क है। जैड सर्टिफिकेशन से उद्योग को ऋण मिलने मे सुविधा होगी, वैश्विक प्रतिस्पद्र्धा मे भारत के स्थान निर्धारित होगा।

उन्होने उद्योगपतियो से कहा कि वे अपने उद्योगो मे उत्पादित सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखे ताकि भारत मे उत्पादित वस्तुओ को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मिल सके। निदेशक एमएसएमई विजय कुमार शर्मा ने बताया उद्यामियो के स्वप्नो को साकार करने मे राज्य सरकार/भारत सरकार की योजनाएं सदैव कारगर है। उन्होने कहा जैड प्रणाली का अनुपालन करने पर उद्योगो का गुणवत्तापूर्ण विकास होगा।

महाप्रबन्धक उद्योग सीएस बोहरा ने कार्यशाला मे आने पर सभी उद्यमियो का स्वागत करते हुए कहा जनपद मे जैड की कार्यशाला एमएसएमई ईकाइयो की रेंटिग करने का प्रथम प्रयास है। शीघ्र ही सभी एमएसएमई ईकाइयो की जैड रेंटिग सुनिश्चित कराई जायेगी ताकि प्रधानमंत्रीजी के जैड के सपने को जनपद मे उद्यमी आत्मसात कर सके। संरक्षक सिडकुल वेलफेयर सोसाइटी अजय तिवारी ने बताया जैड प्रमाणीकरण से उत्पाद की गुणवत्ता मे सुधार होगा साथ ही पर्यावरण संरक्षित रहेगा।