कृषि विज्ञान केन्द्र का शिलान्यास

o8fc4y1aचमोली। केन्द्र सरकार ने बद्रीनाध धाम में राज्य को दो बडी सौगात दी है। रेल मंत्री, भारत सरकार, सुरेश प्रभाकर प्रभु ने बद्रीनाथ धाम में चारधाम तीर्थस्थलों तक की यात्रा के लिए इकहरी बडी लाइन विछाने हेतु अंतिम स्थल सर्वेक्षण कार्य का शिलान्यास किया। वही कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार, राधा मोहन सिंह ने कृषि की उन्नत तकनीकी के प्रसार हेतु जिले को दूसरे कृषि विज्ञान केन्द्र का शिलान्यास किया। बद्रीनाथ बस स्टेशन पर आयोजित समारोह में रेल मंत्री श्री प्रभु ने कहा कि चारधाम रेल योजना से देश विदेश से आने वाले लाखों श्रृद्वालुओं एवं पर्यटको को लाभ मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। कहा कि चारधाम रेल मार्ग का निर्माण पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ तथा बद्रीनाथ धाम में रेलवे यात्री आरक्षण केन्द्र स्थापित किये जायेंगे, जिसका संचालन बीकेटीसी तथा जीएमबीएन के द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री सिंह ने इस अवसर पर कृषि की उन्नत तकनीकि के लिए जनपद चमोली के विकासखण्ड जोशीमठ के कोटी गांव में बनने वाले कृषि विज्ञान केन्द्र का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कृषि में तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधानों की खोज के साथ-साथ परम्परागत कृषि का भी ध्यान रखा जायेगा। किसान अपने खेतों का उत्पादन लाभकारी मूल्य पर बेच सके इसके लिए सरकार हर सम्भव सहायता करेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि केन्द्र सरकार की यह दोनों योजनाऐं उत्तराखण्ड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बताया कि चारधाम रेल संपर्क जुडने से राज्य में रोजगार, पर्यटन व तीर्थाटन की सम्भावनाओं को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रेल मंत्री सुरेश प्रभु और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का आभार प्रकट किया।

भारतीय रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम रेल विकास निगम को चारोधामों तक रेल संपर्क स्थापित करने के लिए इंजीनियरिंग सर्वेक्षण का कार्य सौंपा गया है। एक ओर जहाॅ चारधाम तक रेल परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने पर रेल इतिहास में एक नया कीर्तीमान स्थापित होगा वही दूसरी ओर श्रृद्वालुओं के लिए चारधाम यात्रा सुगम व सरल होगी। चारधाम रेल संपर्क के तहत गंगोत्री रेल लाइन डोईवाला से मनेरी तक 131 किलामीटर निर्मित होगी। वही यमुनोत्री के लिए गंगोत्री रेल लिंक से 22 किमी. रेल मार्ग का निर्माण किया जायेगा। केदारनाथ को प्रस्तावित 99 किलोमीटर लंबी रेल लाइन कर्णप्रयाग के साईकोट होते हुए सोनप्रयाग तक निर्मित की जोयगी तथा बद्रीनाथ धाम के लिए साईकोट स्थित केदारनाथ लिंक से 75 किलोमीटर लम्बी रेल लाइन जोशीमठ तक विछायी जायेगी। टोही सर्वेक्षण के अनुसार 327 किलोमीटर लम्बी प्रस्तावित रेल लाइन पर 43 हजार 292 करोड़ रूपये की लागत का अनुमान है। आरईसी सर्वेक्षण में इस रेल लाइन पर 21 नये रेलवे स्टेशन, 61 सुरंग और 59 पुल बनाये जाने है। इस रेल लाइन की 327 किलोमीटर में से 279 किलोमीटर रेल लाइन सुंरग से होकर गुजरेगी। चारधाम तक रेल संपर्क स्थापित करने हेतु अंतिम स्थल सर्वेक्षण कार्य के लिए मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 के बजट में 120.92 करोड़ रूपये की लागत को मंजूरी दी गई है तथा अंतिम स्थल सर्वेक्षण का कार्य रेल विकास निगम को सौंपा गया है।

इस अवसर राज्य कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, थराली के विधायक मगन लाल शाह, उत्तर रेलवे के जनरल मैनेजर आरके कुलश्रेष्ठ, प्रबन्ध विकास निगम एससी अग्निहोत्री, डीआरएम एके सिंगला, पंत नगर विश्व विद्यालय के कुलपति समेत जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन, एसपी तृप्ती भट्ट, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे। इससे पूर्व केन्द्रीय रेल मंत्री, कृषि मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किये। उनका अभिनन्दन मंदिर परिसर में मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने शाॅल पहनाकर किया।