करवाचौथ के चांद के लिए नहीं करना पडेगा इंतजार

देहरादून। इस बार करवाचौथ का चांद व्रती महिलाओं को अपने दीदार के लिए अधिक देर नहीं कराएगा। रविवार को आने वाले करवाचौथ व्रत के लिए बेहद जरूरी चांद का दीदार रात आठ बजकर दस मिनट पर ही हो जाएगा। इसलिए पतियों के पास भी घर देर से आने का कोई बहाना नहीं रहेगा। कहीं-कहीं भौगोलिक स्थितियों के अनुसार यह समय बढ़ सकता है।
भारतीय नारी के त्याग, स्नेह व भक्ति निष्ठा के प्रतीक यह कठिन व्रत पुरूष और नारी के बीच परस्पर प्यार को प्रगाढ़ करता है। करवाचौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि में किया जाता है। पति के मंगल एवं दीघार्यु की कामना के लिए स्त्रियां निराहार रह इस व्रत को रखती हैं। चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी तिथि में ही यह व्रत करना चाहिए। आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार, चतुर्थी तिथि आठ अक्तूबर की शाम चार बजकर 58 मिनट पर व समाप्ति नौ अक्तूबर दोपहर दो बजकर 16 मिनट पर होगी। चंद्रोदय रात्रि आठ अक्तूबर को 8:10 मिनट पर होगा। पूजा मुहुर्त शाम 5:54 मिनट से लेकर शाम 7:10 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में शुभ की चौघडियां व सूर्य की होरा रहेगी। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जा सकता है। चतुर्थी के देवता गणेश हैं। इस व्रत में गणेश जी के अलावा शिव-पार्वती, कार्तिकेय के रूप चंद्रमा की पूजा की जाती है।