जिज्ञासाओं का समाधान

चम्पावत। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित चार दिवसीय सूचना अधिकार अधिनियम-2005 की कार्यशाला के अंतिम दिन मास्टर टेªनर अशोक कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार सरल, सहज भाषा में लिपिबद्ध है जिसे कोई भी लोक सूचना अधिकारी अध्ययन कर सभी धाराओं में पारंगत हो सकता हैं उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण में बताई/सिखाई गई बातों पर अमल करने को कहा जिससे आवेदक को कार्यालयों में धारित सूचनाओं से अवगत कराने में कोई दिक्कत पेश न हो सके। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त शुल्क के रूप में प्रति पृष्ठ दो रूपये की धनराशि आवेदक से ली जायेगी। लेकिन बीपीएल श्रेणी के आवेदक से प्रथम 50 पृष्ठ तक कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा, लेकिन उससे अधिक पृष्ठ होने पर प्रति पृष्ठ दो रूपये शुल्क लागू किया होगा।

कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी शैलेन्द्र सिंह बिष्ट ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी लोक सूचना अधिकारियों को कार्यशाला में बताई गई धाराओं को बारीकी से आत्मसात करने और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को आवेदक के अपील में आने पर प्रपत्रों, शासनादेशों का गहराई से जांच कर सूचनाएं उपलब्ध कराने हेतु लोक सूचना अधिकारी को निर्देशित करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रशिक्षण के बाद भी सूचना अधिकार की धाराओं का उनमें होने वाले परिवर्तनों का समय-समय पर अध्ययन करने को कहा। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान आत्मसात की गई सभी बारीकियों एवं जानकारियों का पूरा उपयोग करते हुए आरटीआई आवेदकों को नियमानुसार सही व सटीम सूचनाएं प्रदान कर अधिनियम में सौंपे गए दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करने को कहा।

कार्यशाला में बोलते हुए मास्टर टेªनर डा.एमपी जोशी ने कहा कि उत्तराखंड सूचना का अधिकार नियमावली 2013 में निहित सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया, सूचना हेतु शुल्क, लोक सूचना अधिकारी/विभागीय अपीलीय अधिकारी, सूचना आयोग में अपील, आयोग द्वारा कार्यवाही की प्रक्रिया, दण्ड और क्षतिपूर्ति की वसूली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मास्टर टेªनर राजेश गोरकेला ने कार्यशाला में कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की जानकारी न होने और अधिनियमों का अध्ययन न करने के कारण कई लोक सूचना अधिकारियों को राज्य सूचना आयोग तक जाना पड़ा है, इसलिए सूचना अधिकार अधिनियम की सटीक जानकारी होने के साथ समय-समय पर अधिनियम में आने वाले परिवर्तनों का अध्ययन भी करना चाहिए।

कार्यालय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.एमएस बोरा, खंड विकास अधिकारी लोहाघाट एनएस बोरा, संख्याधिकारी एनबी बचखेती, प्र.युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि बीसी पंत, उप क्रीड़ाधिकारी जीएस मेहता, तहसीलदार चम्पावत गोविन्द प्रसाद, श्रम अधिकारी मीनाक्षी भट्ट, मनोज सनवाल, सीएस नेगी, राधेश्याम खर्कवाल, ई.अरविंद कुमार बर्मन, राजेन्द्र उप्रेती, धनराज बिष्ट आदि उपस्थित थे।