अंधेरे में कैसे होगी पढ़ाई

उत्तरकाशी। यमुना घाटी के तीन गांवों में बिजली बिल भुगतान न होने से ऊर्जा निगम ने तीनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी है। गांवों से बिजली गुल होने के कारण सबसे अधिक प्रभाव 10वीं और 12वीं परीक्षा के परीक्षार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। ये परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्ति किया।

यमुना घाटी के गीठ पट्टी के निशणी, पिण्डकी और मदेश गांव में पिछले दो सप्ताह से बिजली नहीं है। तीनों गांवों में बिजली का बिल जमा न होने के कारण ऊर्जा निगम ने आपूर्ति बंद की है। निशणी के सूरजमल पंवार ने बताया कि वित्तीय वर्ष में गांव में 43 संयोजन पर सात लाख का बिजली का बिल आया था।

इसमें उस समय ऊर्जा निगम ने 80 फीसद धनराशि माफ करने की बात कही थी, ग्रामीणों ने 1.40 लाख रुपये जमा किए। लेकिन विभाग ने इस बार फिर से बिजली काट दी है। 10 की परीक्षा दे रही दीपिका, स्वराजी ने बताया कि बिना बिजली के पढ़ाई करने में बहुत दिक्कत आ रही है। मिट्टी का तेल भी नहीं है जिससे लैम्प जला कर पढ़ा जा सके। यही हाल पिण्डकी और मदेश का भी है। पिण्डकी के प्रधान कमल ङ्क्षसह ने भी ऊर्जा निगम पर बिजली काटने का आरोप लगाया है तथा बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।