निर्यात बढ़ाने को 12 अग्रणी सेवा क्षेत्रों को प्रोत्साहन देगी सरकार

मुंबई। सरकार कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है कि वस्तुओं के निर्यात की तुलना में सेवाओं का निर्यात अधिक तेजी से बढ़ेगा। प्रभु ने आज यहां कैपइंडिया के उद्धाटन कार्यक्रम में कहा, ‘पिछले कुछ महीनों के दौरान निर्यात बढ़ रहा है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सिर्फ परंपरागत उत्पादों का ही निर्यात न किया जाए, बल्कि नए उत्पादों को भी इसमें जोड़ा जाए। हम सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 12 सेवाओं की अग्रणी सेवाओं या चैंपियन सेवाओं के रूप में पहचान की गई है।

सुरेश ने कहा कि सरकार ने आईटी और पर्यटन जैसे कुल 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों को प्रोत्साहन के लिए 5,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से देश की सेवा अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। हमने प्रत्येक क्षेत्र को घरेलू के अलावा वैश्विक बाजार में प्रोत्साहन के लिए कार्रवाई योजना तैयार की है।

मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने के लिए सेवा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्योग को वैश्विक स्तर की सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रभु ने कहा कि देश के रसायन क्षेत्र में वृद्धि की व्यापक क्षमता है। निर्यात मांग को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र में क्षमता का सृजन होना चाहिए।

केमेक्सिल की रिपोर्ट के अनुसार देश का रसायन उद्योग 2025 तक दोगुना होकर 300 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा, जो अभी 147 अरब डॉलर का है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय कृषि निर्यात नीति बना रहा है जिसे सार्वजनिक किया जाएगा और इस पर अंशधारकों की राय ली जाएगी। उन्होंने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय कृषि हब को हवाई माल ढुलाई की सुविधा के लिए योजना बना रहा है, जिससे कृषि निर्यात को बढ़ाया जा सके। संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने इसमें निवेश की इच्छा जताई है।