घरों में घुसता मलवा, समाधान है नाले के चौडीकरण

चमोली। सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री सामाधान पोर्टल पर जनपदों में दर्ज आॅनलाइन शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने शिकायतकर्ता से दूरभाष पर भी वार्ता करते हुए अधिकारियों को दर्ज शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समाधान पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को समय से संबधित विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ताकि समस्या का समाधान में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि जिस स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है उसका निराकरण उसी स्तर पर करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी आशीष जोशी ने वीसी में मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जिले में मैठाणा निवासी जीएस चैहान ने समाधान पोर्टल पर शिकायत दर्ज की है कि एनएच-58 में मैठाणा के पास बरसाती नाला ब्लाक होने से उनके घरों में मलवा घुस रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान नाले के चैडीकरण से ही हो सकता है, जिस पर बीआरओ के द्वारा कार्य किया जा रहा है। बीआरओ के अधिकारी ने बताया कि बरसाती नाले के चैडीकरण के लिए ग्रामीणों की भूमि का कटान करना पड रहा है जिस पर अधिकांश लोगों ने सहमति दे दी है परन्तु कुछ परिवार अन्यत्र निवास करते है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबधित भूमि एवं भवन स्वामियों की सहमति लेकर शीघ्र बरसाती नाले का चैडीकरण कराने के निर्देश बीआरओ को दिये है।

मुख्यमंत्री ने मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को अर्लट रहने के निर्देश दिये है। उन्होंने अवरूद्व होने वाले मोटर मार्गो को यथाशीघ्र खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि अवरूद्व मोटर मार्गो को खोलने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी। बरसात के दौरान फैलने वाली अनेक बीमारियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां रखने तथा डाॅक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश सीएमओ को दिये। उन्होनें स्वच्छता के प्रति भी लोगों को जागरूक करने को कहा ताकि गन्दगी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष में पूरे राज्य के शहरी क्षेंत्रों को भी खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत छोडों आन्दोलन के 9 अगस्त को 75 वर्ष पूरे हो रहे है। इस दिन वे 12वीं कक्षा के छात्रों के साथ वीडियों काॅन्फ्रंसिंग के माध्यम से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही आम लोगों से भी बातचीत कर राज्य के उत्थान हेतु उनके सुझाव लेगें। राज्य के सभी प्रगतिशील किसानों, काश्तकारों एवं अन्य लोगों से बातचीत कर उनका दृष्टिकोण भी लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिव्यक्ति आय में बृद्वि के साथ-साथ किसानों की आजीविका भी बडी है। कहा कि वर्ष 2022 तक सभी किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके लिए उन्होंने कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रगतिशील किसानों की आय में बृद्वि करने के लिए कम से कम 10 क्लस्टर आधारित कृषि विकास अवधारणों को अपनाते हुए कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य, सिंचाई एवं सहकारिता की एकीकृत कार्ययोजना पर जोर दिया। किसानों को प्रशिक्षित कर उन्नत किस्म की फसल उत्पादन, सब्जी उत्पादन, फलोत्पादन को बढाव देने तथा पर्यटक स्थलों को विकसित कर आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने को कहा। ताकि राज्य के समग्र विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। उन्होंने सभी डीएम, एसएसपी एवं अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर विकास कार्यो के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा। मुख्यमंत्री ने किसानों को बीज, खाद एवं आवश्यक सहायता भी समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष जोशी, सीडीओ विनोद गोस्वामी, एडीएम ईला गिरि, सीओ हरवंश चुग, सीटीओ वीरेन्द्र कुमार, सीएमओ भागीरथी जंगपांगी, डीडीओ आनंद सिह, डीपीआरओ बीएस दुग्ताल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी एसएस यादव सहित लोनिवि, एनएच, बीआरओ, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, पेयजल निगम आदि विभागीय अधिकारी मौजूद थे।