नैनीताल में चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा

dbs-dehradun-nainitalनैनीताल/देहरादून। मुख्य सचिव राकेश शर्मा द्वारा नैनीताल क्लब सभागार में जनपद नैनीताल में चलने वाले विकास कार्यो की समीक्षा की। उन्होने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि करोडों रूपये की धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी जिला योजना के अन्तर्गत विकास कार्य कछुआ गति से हो रहे है। उन्होने कहा कि पिछले वर्ष जिला योजना मे प्रदेश सरकार को 300 करोड की धनराशि अवमुक्त की गयी थी, इसे बढाकर इस वर्ष 720 करोड कर दिया गया है। उन्होने कहा अधिकारियों को धनराशि सीधे मिल सके और विकास कार्यो मंे विलम्ब ना हो, इसलिए सभी धनराशि जिलाधिकारी के निवर्तन पर रख दी है। उन्होने कहा धनराशि उपलब्ध है और मौसम ठीक हो गया है ऐसे में विकास कार्यो कोे तेजी से आगे बढाया जाए।

उन्होने जिलाधिकारी दीपक रावत एवं मुख्य विकास अधिकारी ललित मोहन रयाल को निर्देश दिये कि जिला योजना का सख्ती के साथ अनुश्रवण करेेें, तथा क्षेत्र में जाकर विकास कार्यो की गुणवत्ता एवं गति को परखें। श्री शर्मा ने इस बात पर कडी आपत्ति व्यक्त की कि जिला योजना में आवंटित धनराशि में विभिन्न विभागों के निदेशालयों द्वारा हस्तक्षेप किया जा रहा है। यहा तक की प्रदेश स्तर पर टैंडर आदि व्यवस्था कर जिले के लिए सामान खरीदा जा रहा है। उन्होने दूरभाष पर कृषि, उद्यान एवं पशुपालन निदेशकों को जिले के विकास कार्यो में हस्तक्षेप ना करने की नसीहत दी। उन्होने मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि इन विभागों मे टैन्डर कर खरीद फरोख्त  की प्रकिया जिला स्तर पर ही सुनिश्चिित करायें।

श्री शर्मा ने बैठक में पाया कि कृषि विभाग को 57 लाख जिला योजना मेें धनराशि देने के बाद छः माह मंे मात्र एक लाख की धनराशि व्यय की गयी है। उन्होने वन महकमे के अधिकारियो से कहा जिला योजना मंे धनराशि उनको दी गयी है, उसका सदुपयोग वन विभाग के विकास कार्यो में करें ना कि अपने विभाग की परिसम्पत्तियों एवं अतिथि गृहो के सुधार पर। उन्होने अधिकारियों से कडे शब्दों मे कहा कि जिलायोजना में निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक के कार्य जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कार्य करें, तथा कार्य प्रगति की सूचना समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराना सुनिश्चिित करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन विभागों मे सहायक अभियन्ता या अपर अभियन्ता नही है, वहां के निर्माण कार्य बाधित ना हों, इसके लिए जिलाधिकारी अन्य विभागो से सहायक अभियन्ता एव  तकनीकी सहायक को लगायें, ताकि तकनीकी स्टाफ के अभाव मे निर्माण कार्य बाधित ना हो। उन्होने कहा कि सडक निर्माण केे लिए मौसम अनुकूल हो गया है। इसलिए लोक निर्माण विभाग सडको को बनाने का कार्य युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दें। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान में लोनिवि को 300 कार्य पूरे करने है जिसमे से अभी तक 110 कार्य ही पूर्ण हुये है। उन्होने मुख्य अभियन्ता सिचाई डीसी सिह को निर्देश दिये कि वे अपने परिवेक्षण में सभी नहरों की मरम्मत एवं सफाई कार्य सुनिश्चिित करें ताकि काश्तकारो को टेल तक पानी की उपलब्धता सिचाई कार्यो के लिए बनी रहे।

श्री शर्मा ने जिलाधिकारी दीपक रावत से कहा कि वह हल्द्वानी, गौलापार में शहरीय विकास मंत्रालय की ओर से बनने वाले टचिंग प्लान्ट (कूडा निस्तारण संयंत्र)  का निर्माण कार्य प्रारम्भ करायें। इसके साथ ही गौलापार में जो विकास कार्यो के मेगा प्रोजक्ट संचालित हो रहे है।  उसमंे गति लाने के लिए समय-समय पर निरीक्षण कर अनुश्रवण करें। मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त एएस नयाल से कहा कि वह रामनगर में कोसी बैराज पर सिचाई तथा पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 80 लाख का प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है, उसका मौका मुआयना करें।

जिलाधिकारी दीपक रावत ने  बताया कि जनपद नैनीताल को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2015-16 में 51 करोड 22 लाख की धनराशि अवमुक्त हुयी है जिसमें से 29 करोड की धनराशि विभागों को प्रथम किश्त के रूप में रिलीज कर दी है। अवमुक्त धनराशि से अब तक विभागो द्वारा 19 करोड 71 लाख की धनराशि विकास कार्यो पर व्यय कर ली गयी है।

बैठक में निदेशक समाज कल्याण विष्णु सिह धानिक, मुख्य विकास अधिकारी ललित मोहन रयाल, एमडी कुमायू मंडल विकास निगम धीराज सिह गब्र्याल, अधिक्षण अभियन्ता लोनिवि केपी जोशी, फप्याज अहमद, मुख्य चिकित्साधिकारी एलएम उप्रेती, अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल के अलावा सभी जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।