आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण परिवर्तन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं : सीएम

dbs-harish-rawatदेहरादून। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि आईसीडीएस के अंतर्गत काम कर रही सुपरवाईजर व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण परिवर्तन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। राज्य सरकार को ग्राम सशक्तिकरण का माॅडल प्रस्तुत करें। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को हर पल जनता का समर्थन जोड़कर रखना पड़ता है। जनता के उत्साह को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि कर्मचारी अपनी उपादेयता को बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री रावत गुरूवार को आईसीडीएस के सुपरवाईजर एसोसिएशन के द्विवार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति में परिवर्तन से राज्य को नुकसान हुआ है। अनेक योजनाओं को पूरी तरह से राज्य सरकार के भरोसे छोड़ दिया गया है। बहुत-सी केंद्र प्रवर्तीत योजनाओं जिनमें हमें पहले 90:10 के अनुपात में सहायता मिल रही थी, अब इस अनुपात को 50:50 कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि सातवें वेतन आयोग तक कर्मचारियों को धैर्य रखना होगा। वर्ष 2017 में कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके, इसके लिए 1200 करोड़ रूपए की अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए संसाधन जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्व के कुछ नए क्षेत्रों में सम्भावनाएं देखने के साथ कर चोरी को रोकने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।  जनता भी इन हालातों को समझ चुकी है। इसलिए प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के हमारे प्रयासों को जनता का भी समर्थन मिला है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने आईसीडीएस के सुपरवाईजरों सहित ग्रामीण क्षेत्रो में काम कर रहे फील्ड कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपनी उत्पादकता को बढ़ाकर सरकार को इतना हौसला दें कि इनके माध्यम से एक-दो अन्य योजनाएं भी लागू कर सके। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी को निर्देशित किया कि आईसीडीएस के सुपरवाईजरों के यातायात भŸो की मांग को मानते हुए इसे संगत कर दिया जाए। विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। जो लोग फील्ड में काम कर रहे हैं, उनकी योग्यता को मान्यता दी जानी चाहिए। महिला सशक्तिकरण में काम कर रही महिला कर्मियों को बेहतर कैरियर के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। जो योग्य हैं, उनके लिए अधिक बेहतर सेवाओं में उम्र में छूट सहित वरीयता दिए जाने की सम्भावनाओं का अध्ययन कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ग्रामीण सशक्तीकरण के क्षेत्र में काम कर रही महिलाएं, गांवों में बुजुर्ग महिलाओं के बोझ को बांटने में सहायता करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सन्भ्रान्त लोगों को आंगनबाड़ी केंद्रों में नेल कटर व वाटर फिल्टर उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमें हर हालत में मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर को घटाकर यूरोपियन स्टैंडर्ड पर लाना है। मंडुवा को महत्ता देने के पीछे यही फिलोसोफी है। मंडुवे के माध्यम से हमें उŸाराखण्ड की तस्वीर बदलनी है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं प्रारम्भ की हैं। ‘हमारी कन्या हमारा अभिमान’, गौरा देवी कन्याधन योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए टेक होम राशन आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा इंदिरा अम्मा भोजनालय के माध्यम से सस्ता व अच्छा भोजन लोगों को उपलब्घ करवाया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर सचिव ज्योति नीरज खैरवाल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष प्रह्लाद ठाकुर, सीएम के मीडिया समन्वयक राजीव जैन, सुपरवाईजर एसोसिएशन की अध्यक्ष रेणु लाम्बा, महामंत्री अंजु बड़ोला सहित अन्य लोग उपस्थित थे।