रूद्रपुर बना अपराधपुर

‘अपराध’, पूरे भारतवर्ष में रोज के समाचार पत्र-पत्रिकाओं में अनेक समाचार प्रकाशित होते हैं। खबरों में अधिकतर मसाला यही रहता है कि यहां चोरी हुयी, वहां दंगे हो रहे हैं। इधर लूटपाट हुयी तो उधर बलात्कार हो गया। कहीं किसी ने गोली मार दी तो कहीं केवल शव मिल रहा है और अपराधी का पता ही नहीं। कहीं विवाहित महिला को जलाया जा रहा है तो कहीं फांसी से लटकाया जा रहा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि हमारे देश में अपराध का शिकंजा बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में यदि उत्तराखण्ड में भी अपराध ने कसर नहीं छोड़ी है। खासकर रूद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) में सबसे ज्यादा अपराधी प्रवृत्तियां देखने को मिली हैं। रूद्रपुर में अप्रैल माह के अपराध की समीक्षा करें तो परिणाम सामने आता है कि ऐसे ही हालात रहे तो कुछ समय बाद पूरा उत्तराखण्ड अपराध के साये में होगा। इसी से संबंधित है यह रिपोर्ट…

रुद्रपुर, जिसे ऊधमसिंह नगर के नाम से भी जाना जाता है। ऊधम सिंह, जिसने अंग्रेज जनरल डायर की हत्या की थी। इस हत्या को भारत आजाद होने की एक कड़ी के रूप में लिया जा सकता है। भारतवर्ष आजादी के आसमान के नीचे आया, खुशियां आई, अच्छाईयां बिखरी। मगर बुराईयों ने भी पीछा न छोड़ा। 1948 से ही घोटाले होने शुरू हो गये। अपराध ने भी अपनी बाहें बिखेरनी शुरू की और तब से आज तक का इतिहास देखा जाय तो अपराध का शिकंजा बढ़ता ही जा रहा है।

बहरहाल, अपराध में नजर दौड़यें तो एक तरफ 12 अप्रैल को अशोका लिलेण्ड फैक्ट्री के दो सुपरवाईजरों को बाईक सवार दो बदमाशों ने फैक्ट्री के गेट पर गोली मारकर घायल कर दिया। सुपरवाईजर श्रमिकों को वेतन देने के लिए बैंक से 12.28 लाख रूपए निकालकर लाये थे, जिसे बदमाश लूट कर फरार हो गये। वहीं दूसरी तरहफ कांग्रेसी नेता किरन सरदार को एके 47 और बम से उड़ाने की धमकी दी गयी। इसके साथ ही कुछ बाईक चोरों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया।

रूद्रपुर में ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्रांतर्गत कृष्णा कालोनी में 13 अप्रैल के दिन एक कमरे में एक श्रमिक का सड़ी गली अवस्था में शव बरामद हुआ। जिसे देखकर वहां सनसनी का माहौल पैदा हो गया। सनसनी का माहौल तो था ही मगर दूसरी ओर एक और भयानक स्थिति सामने आई। वहीं कई दिनों से कूड़े के ढेर में एक अर्धविक्षिप्त नग्न अवस्था में पाया गया। उसके शरीर का पिछला हिस्सा कूड़े के ढेर में पडे़-पड़े गल गया था। जिससे भयंकर बदबू आ रही थी। 108 एम्बुलेंस कर्मियों ने उसे उठाने से इंकार कर दिया। जिस पर पुलिसकर्मियों ने एक चादर की व्यवस्था कर उसे लपेटा और 108 एम्बुलेंस के जरिये जिला अस्पताल पहुंचाया। इसी दिन मोहल्ला शिवनगर में एक विवाहिता को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया।

वीर ऊधम सिंह के नगर में प्रीतविहार फाजलपुर महरौला में चाहरदीवारी को लेकर दो पक्षों में विवाद चला आ रहा था जो 17 अप्रैल संघर्ष में बदल गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी डंडे चलने लगे। इसी झड़प में गोली लगने से महिला घायल हो गयी। इस दौरान कई महिलाओं के कपड़े फट गये और कई घायल हो गये। चोर-उचक्कों ने भी अपनी कसर पूरी की एक टोली ने आदर्श कालोनी में घर के बाहर खड़ी कार का शीशा तोड़कर सामान चुरा लिया और उसमें तोड़फोड़ कर दी। वहीं चोरों की दूसरी टोली ने काशीपुर रोड स्थित एएन इंटरप्राइजेज में काम कर रहे युवकों ने हजारों की नकदी उड़ा ली।

रूद्रपुर की गलियों-चैराहों के साथ-साथ 20 अप्रैल को अस्पताल में मौत ने धावा बोला। राजकीय चिकित्सालय में अपने केबिन में मरीज देख रहे वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को अचानक कक्ष में आये युवक ने गोली मार दी। हमलावर युवक चिकित्सालय के बाहर मोटरसाइकिल पर बैठे अपने साथी के साथ फरार हो गया। अचानक हुई इस घटना से चिकित्सालय परिसर में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में प्राथमिक उपचार के पश्चात् घायल चिकित्सक को काशीपुर रेफर किया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अपराध ने अपना वीभत्स रूप काशीपुर मार्ग पर दिखाया। जिसमें कार में सवार अज्ञात बदमाशों ने सितारगंज से काशीपुर जा रहे एक ट्रक को जबरन रोक लिया। जिसमें गेहूं के बीज भरे हुये थे। बदमाशों ने ट्रक चालक को बंधक बनाकर ट्रक लूट लिया। चालक को बदमाश काशीपुर के समीप ग्राम महुवाखेड़ा में बांधकर खेत में फंेक गये।

इसी दिन रूद्रपुर में चोरों ने मोहल्ला संजयनगर में घर का ताला तोड़ घर से लाखों की नकदी व सोने चांदी के जेवरात चोरी कर लिये। चोरी के सामान में सोने के तीन जोड़ी कान के झुमके, चेन, नाक के दो फूल, चांदी की एक जोड़ी पायल व करीब 1.5 लाख की नकदी थी। दहेज उत्पीड़न पे लगाम लगी होती तो कुछ सुधार दिखता। लेकिन उत्पीड़न और दहेज उत्पीड़न के मामले तो बेहिसाब रूप में हमारे सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में 21 अप्रैल इंदिरा कालोनी निवासी एक महिला ने एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली में दर्ज करायी रपट में अपने ससुरालियों पर 5 लाख नकद और कार और दहेज मांगने तथा न दे पाने पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है। महिला का आरोप है कि 21 जून 2010 को उसका विवाह बदायूं निवासी मनोज शर्मा पुत्र ललित कुमार से हुआ। पिता ने सामथ्र्य के अनुरूप दान दहेज दिया लेकिन उसके ससुराली 5 लाख नकद व एक लाख और दहेज की मांग करने लगे और न दे पाने पर आयेदिन उसका उत्पीड़न करने लगे। आरोप है कि उसके ससुर बैंक की धनराशि के गबन के मामले में आरोपी बनाये गये। वह कुछ दिन पश्चात मायके आ गयी। 24 फरवरी 2012 को उसने पुत्री को जन्म दिया। उसका पति यहां सिडकुल आकर नौकरी करने लगा। 5 जनवरी 2014 को जब उसने दूसरी पुत्री को जन्म दिया तो उसके ससुरालियों ने उसका उत्पीड़न और तेज कर दिया। चोरी की घटना इस दिन भी नहीं रूकी। रात्रि मोहल्ला रम्पुरा में एक घर से हजारों की नकदी व जरूरी कागजात चोरी कर लिये। अज्ञात चोरों ने उसके घर में घुसकर दो मोबाइल, एटीएम, आधार कार्ड, पहचान पत्र, पेनकार्ड सहित 9 हजार की नकदी चोरी कर ली।

बहरहाल, अभी रूद्रपुर में अभी उतनी भी दहशत नहीं फैली कि लोग वहां रहना छोड़ दें लेकिन अपराध का दायरा इस कदर बढ़ता जा रहा है, जिसे देखकर लगता है कि ऐसा समय आने में देर भी नहीं लगेगी। अपराध के आंकड़े बताते हैं कि 24 अप्रैल को मोहल्ला गांधीनगर में कुछ युवकों द्वारा मोहल्ले के दो युवकों को फोन करके बुलाया और तमंचों की बटों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे भी उनका जी नहीं भरा तो फायरिंग कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर होने पर आसपास के लोगों के आ जाने से हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गये। लड़ाई-झगड़े और चोरी का सिलसिला थमा नहीं था। वहीं दूसरी ओर हाथ पैर बांधकर कुछ लोगों ने ग्राम सिखेड़ा थाना सिंभावली हापुड़ निवासी मुजीब पुत्र जब्बार हुसैन चिकित्सक की बुरी तरह पिटाई कर दी। चिकित्सक का कहना है कि वह शाम की नमाज पढ़ने सुभाष कालोनी स्थित मस्जिद जा रहा था। उसी दौरान युवक ने बाइक से टक्कर मार दी और चार पांच लोगों ने उसे घेर लिया। उक्त लोग जबरन अपने घर में ले गये और उसके हाथ पैर बांधकर पिटाई शुरू कर दी। एक युवक ने उसके सिर पर डंडा मार दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। इस दौरान 18 हजार कीमत का मोबाइल, एक दूसरा मोबाइल, पर्स में रखी 13500 की नकदी, 4 एटीएम कार्ड, 17500 की घड़ी, हीरा जडि़त सोने की अंगूठी जिसकी कीमत 51650 रूपए थी चोरी हो गयी।

चोरी-डकैती भी एक बड़े अपराध की शुरूआत है। जो आगे चलकर हत्या तक पहुंच जाती है। इसी मसले में मोहल्ला सुभाष कालोनी में कुछ हथियारबंद लोगों ने घर में घुसकर परिजनों पर जानलेवा हमला कर दिया और महिलाओं से अभद्रता की। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के आ जाने से हमलावर जब वहां से भागने लगे तो लोगों ने पीछा कर कुछ हमलावरों को दबोच लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। रूद्रपुर में लड़ाई-झगड़े के मामले पड़ोसियों से भी बहुत होते रहते हैं। यहीं मोदीपुरम ट्रांजिट कैम्प में कूड़ा डालने को लेकर मां एवं पुत्री ने पड़ोस में रहने वाली महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोप है कि उन्होंने महिला के कुंडल भी छीन लिये।

इस बात से सभी अवगत हैं कि हमारे देश में प्रेम-प्रसंग के किस्से बहुत देखने को मिलते हैं। जिनमें मार-पीट और लड़ाई-झगड़े होना तो आम बात सी बन गयी है। कई बार तो मौत के प्रकरण भी हमारे सामने आते हंै। ऐसा ही एक प्रकरण 27 अप्रैल को नानकमत्ता में देखने को मिला। जहां एक प्रेमी युगल को मारकर खेत में फेंक दिया गया। बताया जाता है कि दोनों का कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। चूंकि दोनों नजदीकी रिश्तेदार थे इसलिए परिजन शादी करने को राजी नहीं थे। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। प्रेमी युगल में युवक ;अरविंदद्ध का शव ग्राम कैथुलिया से 300 मीटर दूर एक खेत में पाया गया। वहीं युवती ;भाग्यश्रीद्ध का शव घर से 500 मीटर दूर एक खेत में पाया गया।

चोरी की लत ही बहुत बुरी है। इस बात को तो हम पहले ही जानते हैं कि चोरी ही मौत तक पहुंचती है। इस बात की पुष्टि रूद्रपुर में सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री का यह प्रकरण करता है। जिसमें कुछ चोर फैक्ट्री मे चोरी के इरादे से घुसे। करीब आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने विरोध करने पर गार्ड को गोली मार दी और मौके से फरार हो गये। गार्ड बबलू मूलरूप से सुल्तानपुर पट्टी का निवासी था। जो यहां सिर्फ वहां पर रखवाली का काम करता था। बताया जाता है कि मध्यरात्रि करीब 1 बजे फैक्ट्री के पीछे की दीवार फांदकर करीब एक दर्जन सशस्त्र बदमाश भीतर आ घुसे। बबलू ने जब उन्हें अंदर आता देखा तो शोर मचा दिया जिस पर बदमाशों ने बबलू को घेराबंदी कर दबोच लिया। बदमाशों ने बबलू को धमकी देते हुए कहा कि वह फैक्ट्री से चोरी करने आये हैं। यदि किसी भी तरह की कोई हरकत की तो जान से मार देंगे। बबलू ने जब बदमाशों का विरोध किया तो बदमाशों ने उसके पेट में गोली मार  दी जिससे बबलू लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। बदमाश मौके से फरार हो गये।

जिसे हमने अपराधपुर कहकर संबोधित किया, वहां हर प्रकार के अपराध होते होंगे। जाहिर सी बात है, जहां चोरी-डकैती, लूट-पाट, खून-खराबा, लड़ाई-झगड़े और यौन उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं, वहां किसी को अगवा करने की शिकायतें भी होंगी। ऐसी ही एक घटना को 28 अप्रैल को अंजाम देने की कोशिश की गयी। सूत्रों ने बताया कि मोहल्ला जगतपुरा में कार सवार कुछ लोगों ने नानी की गोद में बैठे मासूम बालक को अगवा करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर कार सवार लोग तेजी से धमकी देते हुए वहां से फरार हो गये। शुक्र है केवल प्रयास ही था, लेकिन परिणाम आने में भी देर नहीं लगती। अर्थात रूद्रपुर में ऐसी घटना हो भी जाय तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। क्योंकि वहां अपराध की सीढ़ी कम होने का नाम नहीं ले रही है।

इसी दिन राजा कालोनी ट्रांजिट कैंप में मुकेश चंद के घर में चोरों ने अपना हाथ साफ किया। चोरी भी इस बार नये तरीके से की गयी। अज्ञात चोरों ने घर की छत से घुसकर सामान उड़ा लिया। चोरी के सामान में सोने का हार, कड़े, चांदी की पायल, कमर की पेटी, 20 हजार की नकदी व अन्य सामान था। मुकेश का आरोप है कि पड़ोस की छत पर 4-5 अज्ञात लोग बैठे रहते हैं उन्होंने वारदात को अंजाम दिया है। वहीं ट्रांजिट कैंप के व्यापारी एवं स्कूल संचालक को कुछ लोगों ने बम से उड़ाकर मारने की धमकी दी है। देखा गया है कि रूद्रपुर में जहरखुरानों की टोलियां भी अपना पुस्ता बिठाये हुये हैं। जिसका मामला सामने आया कि एक युवक को जहरखुरानों ने अपना शिकार बना लिया गया। अंततः वह युवक बेहोशी की हालत में नैनीताल मार्ग पर नाले के किनारे पड़ा पाया गया। इसी दिन ट्रांजिट कैंप में एक मामला और सामने आया। मलिक कालोनी में युवती के साथ संदिग्ध रूप से घूम रहे युवक को मोहल्ले वासियों ने धुनने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।

रूद्रपुर में न जाने चोर-उचक्कों की कितनी टोलियां होंगी। हर दिन एक चोरी का मामला तो सामने आता ही है। ऐसा ही मामला 29 अप्रैल को भी सामने आया। जहां दोपहर किच्छा मार्ग पर पुल के समीप स्थित स्क्रैप की दुकान पर करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने दिनदहाड़े दुकान से हजारों की नकदी व सामान लूट लिया तथा विरोध करने पर दुकान स्वामी से मारपीट भी की। वहीं दूसरी ओर मोहल्ला रेशमबाड़ी वार्ड 4 में अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़ वहां लड़की की शादी के लिए खरीदकर रखा गया सोने चांदी के जेवरात व हजारों की नकदी चोरी कर लिया। भगवानदास कश्यप ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। उसने बताया कि वह अपनी पुत्री के विवाह हेतु सामान खरीदकर लाया था। जिसमें सोने की लौंग, एक जोड़ी सोने के कान के कुण्डल, चांदी की एक जोड़ी पायल, विवाह के कपड़े व 10 हजार की नकदी सहित बर्तन, स्टैब्लाइजर व मोबाइल था।

रूद्रपुर में इसी दिन एक महिला ने अपने पति के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। मोहल्ला जगतपुरा निवासी महिला का कहना था कि उसका विवाह ग्राम धवनी बुजुर्ग बिलासपुर रामपुर निवासी यासीन पुत्र तसव्वर अली से हुआ था। विवाह के पश्चात से उसके ससुरालिये उसे कम दहेज का ताना देकर उत्पीड़न करने लगे। कई बार पंचायतें हुईं लेकिन ससुराली और दहेज की मांग पर अड़े रहे। महिला का कहना है कि दहेज मांग पूरी न होने पर उत्पीड़न करता गया और इस संदर्भ में कोतवाली में मामला भी दर्ज कराया गया। महिला का आरोप है कि इसके पश्चात करीब पिछले चार माह से वह अपने मासूम पुत्र के साथ मायके आकर रह रही है। अंततः पति के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर पीडि़ता अपने परिजनों को साथ लेकर एसएसपी की चैखट जा पहुंची।

बहरहाल, यह अपराधों का आंकड़ा वह है जो दुनिया के सामने सामने है। परन्तु कई अपराध ऐसे भी होते हैं, जिसका पता लगता ही नहीं। कुछ अपराध डर के कारण सामने नहीं लाये जाते। कुछ अपराधों का पता चलता है लेकिन काफी समय के बाद। फिर भी रूद्रपुर में अप्रैल माह के कुछ दिनों के अपराध पर नजर डाली तो डर सा लगता है कि सारे अपराधों की क्या गिनती होगी। देखा जाय तो कानून के अनुसार आत्महत्या को भी अपराध माना जाता है। रूद्रपुर के अप्रैल माह के आंकड़ों में आत्महत्यायें भी हुयी हैं। किसी ने जहर खाकर जान दी तो किसी ने फांसी से लटककर। आत्महत्या के मामले में रूद्रपुर, जसपुर और गदरपुर देखे गये हैं।

अंत में यही कहा जा सकता है कि रूद्रपुर में अपराध की प्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी नजर आई है। जिसे रोकना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि रोकने के लिए प्रयासों में तेजी दिखायी जाय तो अपराधों में कमी जरूर आएगी।