धन और सत्ता के बल पर भाजपा ने की धांधली : मिश्रा

बसपा ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा पर धन और सत्ता के बल पर धांधली करने का आरोप लगाया। पार्टी महासचिव सतीश मिश्रा ने कहा कि भाजपा दलित विरोधी है, इसलिए उसे भीमराव अंबेडकर के नाम से भी चिढ़ है। यही वजह है कि उसने पार्टी प्रत्याशी को हराने के लिए हर हथकंडा अपनाया।

मिश्रा ने कहा कि सपा और कांग्रेस के जितने वोट मिलने चाहिए, उससे एक अतिरिक्त वोट मिला है। बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि भाजपा ने निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से धांधली कराई। बसपा प्रत्याशी अनिल सिंह ने उन्हें बिना दिखाए वोट डाला, जिसे रद्द किया जाना चाहिए, पर सरकार के इशारे पर आरओ ने वैध कर दिया। भाजपा के पक्ष में पड़े दो वोट अमान्य थे। एक में दो जगह 1-1 लिखा था और दूसरे में एक के साथ अन्य निशान था, पर इन्हें भी वैध करार दिया गया। सतीश मिश्रा ने कहा कि पार्टी के दो मतदाताओं को जेल से नहीं आने दिया गया। जबकि, इन्हीं चुनाव में दूसरे राज्यों में जेल से आकर विधायक ने वोट डाले।

जेल में बंद विधायक मुख्तार अंसारी के लिए संबंधित कोर्ट गए, जहां से अनुमति मिल गई। लेकिन, पार्टी को बिना बताए भाजपा हाईकोर्ट से इस आदेश पर एकतरफा स्टे ले आई। मिश्रा ने कहा कि मतदान शुरू होने से पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर और ऑब्जर्वर से कहा था कि उनके पक्ष के लोगों को वोट डालने नहीं आने दिया जा रहा है, इसलिए यह मतदान अवैध है। पार्टी के के दो विधायकों से भाजपा ने जोर-जबरदस्ती कर वोट हासिल कर लिया।