बाजार में झूल रहे हैं लाईनों के तार

अल्मोड़ा। ऐतिहासिक पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नन्दादेवी मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए हमें टीम भावना से कार्य करना होगा यह बात अपर जिलाधिकारी  कैलाष सिंह टोलियाा ने जिला कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मेले में अधिकाधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सूचना विभाग, संस्कृति, गीत नाट्य एवं उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र के टीमों द्वारा किया जायेगा इसके लिए सभी विभागों को पत्र भेजने के निर्देष पूर्व में ही दिये गये थे।

अपर जिलाधिकारी ने इस महत्वपूर्ण बैठक में विद्युत, टेलीफोन विभाग सहित केबिल आपरेटरों को निर्देष दिये कि उनकी जो भी लाईनों के तार बाजार में झूल रहे हैं उनको ठीक कर लिया जाय इसकी व्यवस्था हेतु इन सभी विभागों, पुलिस, नगरपालिका के साथ उपजिलाधिकारी संयुक्त निरीक्षण करेंगे ताकि माॅ नन्दा के डोले को ले जाने में कोई परेषानी न हो। उन्होंने कहा कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्षनी लगाने के लिये भी प्रयास किये जाय। बैठक मंे निर्णय लिया गया कि यह मेला आगामी 26 अगस्त से 01 सितम्बर तक चलेगा 26 अगस्त को केले के खाम धार की तूनी से आमंत्रित होंगे। 27 अगस्त को प्रातः 6ः00 बजे केले के खाम डयोरी पोखर व बाजार होते हुए नन्दादेवी मन्दिर में ले जाये जायेंगे।

28 अगस्त को सांस्कृतिक जुलूस का आयोजन किया जायेगा उसी दिन सांय 7ः00 बजे प्रदेष के पर्यटन मंत्री द्वारा इसका उदघाटन किया जायेगा। सांस्कृतिक जलूस में विद्यालयों के बच्चो को लाने की व्यवस्था मुख्य षिक्षाधिकारी द्वारा की जायेगी। मेला अवधि में पौलीथिन पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा साथ ही मेला परिसर में गैस सिलेण्डर भी प्रतिबन्धित होंगे। मेले की व्यवस्थाओं एवं स्टाॅलों आदि का निरीक्षण 24 अगस्त को मेलाधिकारी की उपस्थिति में किया जायेगा। 29 अगस्त को कुमाऊॅनी गायन प्रतियोगिता होगी। 30 अगस्त को कचहरी परिसर से महिला झोड़ा प्रतियोगिता आयोजित होगी। 31 अगस्त को महिलाओं का सांस्कृतिक जलूस व स्वाॅग होगा। 01 सितम्बर को माॅ0 नन्दा व सुनन्दा की षोभायात्रा निकाली जायेगी।

मेला परिसर में जो भी स्टाॅल लगाये जाय उनमें एकरूपता हो इसका विषेश ध्यान रखा जाय साथ ही इस दौरान यातायात व्यवस्था में परिर्वतन सम्भव हो तो उसको भी कर लिया जाय।अल्मोड़ा 19 अगस्त, 2017 (सू0वि0) – ऐतिहासिक पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नन्दादेवी मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए हमें टीम भावना से कार्य करना होगा यह बात अपर जिलाधिकारी  कैलाष सिंह टोलियाा ने जिला कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मेले में अधिकाधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सूचना विभाग, संस्कृति, गीत नाट्य एवं उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र के टीमों द्वारा किया जायेगा इसके लिए सभी विभागों को पत्र भेजने के निर्देष पूर्व में ही दिये गये थे। अपर जिलाधिकारी ने इस महत्वपूर्ण बैठक में विद्युत, टेलीफोन विभाग सहित केबिल आपरेटरों को निर्देष दिये कि उनकी जो भी लाईनों के तार बाजार में झूल रहे हैं उनको ठीक कर लिया जाय इसकी व्यवस्था हेतु इन सभी विभागों, पुलिस, नगरपालिका के साथ उपजिलाधिकारी संयुक्त निरीक्षण करेंगे ताकि माॅ नन्दा के डोले को ले जाने में कोई परेषानी न हो। उन्होंने कहा कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्षनी लगाने के लिये भी प्रयास किये जाय। बैठक मंे निर्णय लिया गया कि यह मेला आगामी 26 अगस्त से 01 सितम्बर तक चलेगा 26 अगस्त को केले के खाम धार की तूनी से आमंत्रित होंगे। 27 अगस्त को प्रातः 6ः00 बजे केले के खाम डयोरी पोखर व बाजार होते हुए नन्दादेवी मन्दिर में ले जाये जायेंगे।

28 अगस्त को सांस्कृतिक जुलूस का आयोजन किया जायेगा उसी दिन सांय 7ः00 बजे प्रदेष के पर्यटन मंत्री द्वारा इसका उदघाटन किया जायेगा। सांस्कृतिक जलूस में विद्यालयों के बच्चो को लाने की व्यवस्था मुख्य षिक्षाधिकारी द्वारा की जायेगी। मेला अवधि में पौलीथिन पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा साथ ही मेला परिसर में गैस सिलेण्डर भी प्रतिबन्धित होंगे। मेले की व्यवस्थाओं एवं स्टाॅलों आदि का निरीक्षण 24 अगस्त को मेलाधिकारी की उपस्थिति में किया जायेगा। 29 अगस्त को कुमाऊॅनी गायन प्रतियोगिता होगी। 30 अगस्त को कचहरी परिसर से महिला झोड़ा प्रतियोगिता आयोजित होगी। 31 अगस्त को महिलाओं का सांस्कृतिक जलूस व स्वाॅग होगा। 01 सितम्बर को माॅ0 नन्दा व सुनन्दा की षोभायात्रा निकाली जायेगी। मेला परिसर में जो भी स्टाॅल लगाये जाय उनमें एकरूपता हो इसका विषेश ध्यान रखा जाय साथ ही इस दौरान यातायात व्यवस्था में परिर्वतन सम्भव हो तो उसको भी कर लिया जाय। अपर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देष दिये कि वे नन्दा देवी मेले के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही साथ अन्य पर्यटन क्षेत्रों के बारे में पूर्ण जानकारी देने हेतु पर्याप्त मात्रा में प्रचार सामग्री की उपलब्धता बनाये रखेगें ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को यहाॅ के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके उन्होंने प्रभारी राजकीय संग्रहालय को यह भी निर्देष दिए कि नन्दादेवी मेले हेतु षासन द्वारा जो धनराषि स्वीकृत की जाती है उसके लिए अभी से पत्राचार कर धनराषि को अवमुक्त कराने हेतु कार्यवाही सुनिष्चित् करें। मेला अवधि में नगर की सफाई व्यवस्था करने के साथ-साथ मार्गो की मरम्मत एंव नालियों की सफाई के लिए लोक निर्माण विभाग व नगरपालिका को निर्देष देते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि दोनों विभाग समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही करना सुनिष्चित् करेंगे और मेला अवधि में सफाई की पूर्ण जिम्मेदारी नगरपालिका की होगी।

नन्दाष्टमी एवं डोला विर्सजन के दिन श्रद्वालुओं व पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जल संस्थान विभिन्न चिन्ह्ति स्थलों पर टैंकरों की व्यवस्था के साथ ही पानी के टैंकों में क्लोरीनेषन की व्यवस्था  करना सुनिष्चित् करेंगे और अग्निषमन की गाड़ी सहित फायर बिग्रेड के जवान तैनात रहेंगे इस दौरान मेला परिसर में चिकित्सा कैम्प की व्यवस्था भी मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा की जायेगी। अपर जिलाधिकारी ने मेला कमेटी के सदस्यों के अनुरोध पर निर्देष दिये कि नगर में नषेड़ियों की धर पकड़ हेतु उपजिलाधिकारी एवं पुलिस प्रषासन के द्वारा सघन अभियान चलाया जायेगा और इसमें नगरवासियों का विषेश सहयोग लिया जायेगा। अषान्ति फैलाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी साथ ही षराब पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। मेलावधि में बाजार में दोपहिया वाहन पूर्णरुप से प्रतिबन्धित रहेंगे। इस मेले का समापन 01 सितम्बर को डोला विर्सजन के साथ होगा। मन्दिर परिसर में बलि प्रथा को रोकने के लिये सामूहिक प्रयास किये जायेंगे साथ की मेले को भव्य बनाने की कार्यवाही की जायेगी।

जहाॅ पर डोला विसर्जन किया जाता है वहाॅ पर नौले की सफाई, मार्गों की मरम्मत आदि अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत द्वारा की जायेगी। इस बैठक में उपस्थित थानाध्यक्ष चन्द्रमोहन सिंह बिश्ट ने कहा कि मेले में षान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस प्रषासन पूर्ण मुस्तैदी के साथ कार्य करेगा। मन्दिर को जाने हेतु जहाॅ पर रास्ता छोटा है वहाॅ पर बैरीकेडिंग कर श्रद्वालुओं के आने जाने की व्यवस्था की जायेगी तथा मेले में षान्ति व्यवस्था बनी रहे इसके लिए षराबियों को पकड़ने के लिए मषीन भी लगायी जायेगी। उन्होंने कहा कि षान्ति व्यवस्था को भंग करने वालों के प्रति कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी आष्वस्त किया कि मेला अवधि में टैªफिक व्यवस्था पर विषेश ध्यान दिया जायेगा। मेले में षान्ति व्यवस्था हेतु एन0सी0सी0 व स्काऊट के छात्र-छात्राओं को लगाया जायेगा।  उन्होंने मेला समिति से स्वयंसेवक भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस मेले के बारे में मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा, दिनेष गोयल, मनोज सनवाल, अनूप साह, अषोक जोषी, तारू जोषी ने अनेक बातों पर चर्चा की और कहा कि हम सभी का प्रयास होगा कि यह मेला षान्तिपूर्ण ढ़ग से सम्पन्न हो। साथ ही अनुरोध किया कि मेला अवधि के दौरान निर्माण कार्य पर रोक लगायी जाय ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मेला समिति द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि इस मेले को सम्पन्न कराने के लिये 5 लाख रु0 की आवष्यकता पड़ेगी। नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाष चन्द्र जोषी ने कहा कि मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए नगरपालिका द्वारा पूर्ण सहयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देषित किया जाय कि वे जनता की पेयजल की समस्या के सम्बन्ध में किये जाने वाले दूरभाश पर वार्ता अवष्य करें। उन्होंने केबिल नेटवर्क के माध्यम से भी मेले के कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही। मेलाधिकारी विवेक राय ने विगत वर्शों के अनुभवों से अवगत कराते हुए इस बार पूर्ण सहयोग की अपील जनता से की। उन्होंने कहा कि एडम्स इण्टर कालेज, षिषु मन्दिर, त्यूनरा मोहल्ला सहित जहाॅ पर आवागमन ज्यादा होता है और कम चैड़े स्थल है वहाॅ पर पुलिस तैनात रहेगी ताकि किसी प्रकार की छेड़खानी को रोका जा सके। इस बैठक में नन्दादेवी मेला समिति के धन सिंह मेहता, रीता दुर्गापाल, पुश्पा सती, सर्वदलीय समिति की मीना भैसोड़ा, गीता मेहरा, पटल सहायक दीपा पाण्डे सहित मेला कमेटी से जुड़े पदाधिकारी व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।