धर्मान्तरण विरोधी कानून

देहरादून। गुरूवार को हरिद्वार रोड स्थित वेडिंग प्वाइन्ट में हिन्दु जागरण मंच द्वारा प्रदेश में धर्मान्तरण विरोधी कानून बनाये जाने के लिये मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सम्मानित कर उनका आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि समाज व प्रदेश के व्यापक हित में राज्य में धर्म स्वातंत्र विधेयक लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से पहले भी धर्मान्तरण जैसे विषय पर हमारे महापुरूषों व सन्तों द्वारा चिन्ता जतायी जाती रही है। धर्मान्तरण के बल पर समाज के कमजोर वर्गो पर प्रहार होने से देश कमजोर हुआ है। धर्मान्तरण से समाज देश की मुख्यधारा से कटता है। नियोगी समिति द्वारा भी देश में धर्मान्तरण के प्रभावों का आकलन भी किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यकाल व इससे पूर्व से दुनिया में हिन्दु कमजोर हुआ है। देश के कई हिस्से हमसे दूर हो गये। जावा, सुमात्रा, कम्बोडिया इसके उदाहरण है। कम्बोडिया में आज भी हमारा सबसे बड़ा मन्दिर है। हमारे 52 शक्ति पीठो में कुछ शक्ति पीठ पाकिस्तान, बाग्लादेश व अफगानिस्तान में है। इससे देश के विरूद्ध संकट भी पैदा हुआ है। हमारी 600 किमी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा सामारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। धर्मान्तरण के विरूद्ध पूर्व में भी तमाम समितियों ने अपनी रिपोर्ट दी है। प्रदेश व देश हित में आने वाले समय में पडने वाले प्रभावों के दृष्टिगत प्रदेश में धर्म स्वातंत्र विधेयक लाया गया है। प्रदेश में सबका सम्मान है। सब लोग सम्मान से रहे यही हमारा प्रयास है।

इस अवसर पर हिन्दु जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष श्री कृष्ण चन्द्र बोरा, उपाध्यक्ष श्री सतवीर बोरा, देहरादून अध्यक्ष श्री मंगल प्रसाद उनियाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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