आरोपी को निर्वस्त्र घुमाने के बाद दिल्ली पुलिस पर एक और गंभीर आरोप

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था के लिए हर पल चुस्त-दुरुस्त रहने का दावा करने वाली दिल्ली पुलिस अपने ही कार्य प्रणाली से शक के घेरे में है। एक के बाद एक दो बड़ी लापरवाही ने दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पश्चिमी दिल्ली में एक आरोपी को थाने तक निर्वस्त्र ले जाने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दिल्ली पुलिस की एक और करतूत सामने आ गई है।

पुलिस पर अब पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में चार निर्देष युवकों को थाने में बंद कर लाठी-डंडे से जम कर पिटाई करने का आरोप लगा है। पुलिस की पिटाई का शिकार भाजपा की पार्षद कंचन महेश्वरी का बेटा भी हुआ है, इसके अलावा अन्य युवक पार्षद के रिश्तेदार हैं। कंचन माहेश्वरी सोमवार को ही जोन की चेयर पर्सन बनी हैं। कहा जा रहा है कि वहां पर हो रहे झगड़े में चारों युवक बीच-बचाव कर रहे थे और पुलिस ने उल्टा उनकी ही पिटाई कर दी।घटना कल देर रात की है।

इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के काफी कार्यकर्ता थाने पहुंचे और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बीच सभी युवकों का मेडिकल करवाया गया। जिसके बाद मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए और उन्होंने तीनों दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया। पूरे मामले विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

इससे पहले पश्चिमी जिले के इंद्रपुरी थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा एक आरोपित को निर्वस्त्र ही थाने तक ले जाने का मामला सामने आया था। हैरानी की बात है कि पुलिसकर्मियों ने उसके तन को ढंकने की जरूरत नहीं समझी। जब पुलिस आरोपित को ले जा रही थी, तब सड़क पर महिलाएं भी मौजूद थीं। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।

कोर्ट में चल रहे एक मामले में आरोपित वीरेंद्र को गिरफ्तार करने के लिए इंद्रपुरी पुलिस पुनर्वासित कॉलोनी पहुंची। महिला पुलिसकर्मी समेत इस पुलिस टीम में 12 लोग थे। जब टीम वीरेंद्र को गिरफ्तार करने पहुंची तब वह बाथरूम में नहा रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह सिर्फ तौलिया पहनकर ऊपरी मंजिल से नीचे उतरने की कोशिश करने लगा। अफसरों के मुताबिक, आरोपित इस बात की ताक में था कि वह कूदकर भाग जाए या फिर पुलिस उसे छोड़ दे। उसने ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी। इस दौरान उसका तौलिया गिर गया। वह निर्वस्त्र जमीन पर गिर गया।

इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। उसे व्यस्त सड़क के रास्ते से थाने ले जाया गया। इस बीच काफी लोग यह तमाशा देख रहे थे। हालांकि परिजनों का कहना है कि वीरेंद्र ने पुलिस से कपड़े पहनने देने की गुहार लगाई थी। उसने पुलिस से यह भी कहा कि इस बेइज्जती से अच्छा कि वह कूद जाए, तब उसने छत से छलांग लगाने की कोशिश की। परिजनों का आरोप है कि जब वीरेंद्र यह अनुरोध कर रहा था कि उसे कपड़े पहनने दिया जाए तो उसे गालियां दी गईं। वह एक गली के रास्ते से थाना ले जाने की बात कहने लगा। इस पर पुलिस ने कहा कि आज इसका जुलूस निकाला जाएगा।